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    मुंबई. महाराष्ट्र (Maharashtra) में कोरोना महामारी (Corona Pandemic) के बीच ब्लैक फंगस (Black Fungus) ने राज्य सरकार का टेंशन बढ़ा दिया है। राज्य में लगातार ब्लैक फंगस के मामले सामने आ रहे हैं। यह नई बीमारी कोरोना से ठीक हुए मरीजों में देखने को मिल रही है। राज्य में ब्लैक फंगस (म्यूकोर्मिकोसिस) के करीब 4000 मामले हैं। साथ ही सरकार ने अब निजी अस्पतालों में कोरोना के उपचार की दरें कम कर दी है।

    स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि महामारी की पहली लहर के दौरान राज्य सरकार की ओर से जारी की गईं दरें मुंबई में प्रचलित दरों पर आधारित थी। उन्होंने कहा, “हमने तहसील और जिला स्तर पर निजी अस्पतालों के कोविड-19 उपचार की दरों को कम कर दिया है, जिससे बड़े शहरों के बाहर के रोगियों को राहत मिलने की उम्मीद है।”

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    कैबिनेट सहयोगियों और अधिकारियों के साथ बैठक में भाग लेने के बाद टोपे पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने उन निजी अस्पतालों की भी पहचान की है जहां महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना (एमजेपीजेएवाई) के तहत कोरोना वायरस संक्रमण का उपचार कवर किया जाएगा। एमजेपीजेएवाई राज्य सरकार की स्वास्थ्य बीमा योजना है।

    मंत्री ने कहा, “सरकार ने उपचार के लिए विभिन्न पैकेजों की घोषणा की है जिसमें डॉक्टर के निरीक्षण और बिस्तर शुल्क सहित सभी लागत शामिल हैं।”

    टोपे ने कहा, “महाराष्ट्र प्रगतिशील राज्य है, इसलिए उपचार का खर्चा सरकार उठा रही है।” उन्होंने कहा कि कोविड-19 के अलावा इस बीमा योजना में ब्लैक फंगस भी कवर होगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “वर्तमान में राज्य में ब्लैक फंगस के करीब 4000 मामले हैं। सरकार ने म्यूकोर्मिकोसिस के सभी रोगियों के इलाज के लिए नि:शुल्क व्यवस्था की है।”