नीट परीक्षा की एसओपी में संशोधन

  •  सिम्प्टोमैटिक परीक्षार्थियों को नो एंट्री
  • अलग होगी व्यवस्था

मुंबई. जेईई मेन परीक्षा आयोजित होने के बाद अब 13 सितंबर से नीट यूजी की प्रवेश परीक्षा होने वाली है. इसी बीच सरकार ने परीक्षा को लेकर संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है. इस एसओपी में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि कोरोना से ग्रसित उम्मीदवार को परीक्षा केंद्र में एंट्री नहीं मिलेगी. 

जेईई परीक्षा में कोरोना से ग्रसित विद्यार्थियों के लिए परीक्षा केंद्र में अलग से आइसोलेशन रूम बनाया गया था, जिसमें वे बाकी उम्मीदवारों से अलग बैठ कर परीक्षा दें सकें. शुक्रवार को सरकार द्वारा नीट की परीक्षा के लिए जारी की गई संशोधित एसओपी में उक्त प्रावधान को हटा दिया गया है. स्वास्थ्य मंत्रालय के संशोधित एसओपी के मुताबिक सामान्य तौर पर लक्षण वाले उम्मीदवार को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में भेजा जाना चाहिए और अन्य साधनों की मदद से परीक्षा देने का अवसर देना चाहिए. 

केंद्रों की संख्या  2,546 से बढ़कर 3,843 कर दी गई 

विश्वविद्यालय या शैक्षिणक संस्थान द्वारा विद्यार्थी के स्वस्थ होने पर किसी बाद की तारीख पर परीक्षा लेने की व्यवस्था करनी चाहिए. एसओपी में बदलाव का कारण यह भी है कि जेईई परीक्षा में 8.58 लाख विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन करवाया था जबकि नीट के लिए 15 लाख 97 हजार विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है. कोरोना महामारी के कारण परीक्षा केंद्रों की संख्या 2,546 से बढ़कर 3,843 कर दी गई है.

फेस मास्क और ग्लव्स अनिवार्य

नीट की परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को हैंड सेनिटाइजर, फेस मास्क और हैंड ग्लव्स पहनना अनिवार्य है. हालांकि पेपर लिखते समय विद्यार्थी ग्लव्स निकाल सकते हैं. बाकी फेस मास्क पहनना अनिवार्य है.