नवरात्रि की भव्य तैयारियां, सजे देवी के मंदिर

  • सुबह 11.36 से दोपहर 12.24 बजे तक घट स्थापना अभिजीत मुहूर्त

मुंबई. आदिशक्ति मां दुर्गा देवी की घट स्थापना में सिर्फ 1 दिन शेष है. मुंबई के विभिन्न देवी मंदिरों में भव्य तैयारियां की जा रही हैं. मुंबा देवी मंदिर, महालक्ष्मी मंदिर और विरार स्थित जीवदानी माता मंदिर में तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं. कोरोना संकट के बीच मंदिर प्रशासन देवी मां की साज-सज्जा व मंदिर की सजावट में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहा है. मुंबई के सैकड़ों पंडाल देवी मां के आगमन के लिए तैयार हैं. मुंबई और आसपास के बड़े मंदिरों में देवी के दर्शन के लिए भक्त लालायित हैं, लेकिन प्रशासन की अनुमति न मिलने से भक्तों में मायूसी है. दूसरी तरफ मंदिर प्रशासन भक्तों को दर्शन कराने के लिए यूट्यूब और फेसबुक जैसे डिजिटल माध्यमों का सहारा ले रहे हैं. 

मुंबा देवी मां का सजा दरबार

मुंबा देवी मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधक हेमंत जाधव ने बताया कि मंदिर के बाहर और अंदर की सफाई और सजावट का कार्य पूरा हो चुका है. बाहर चांदी का दरवाजा पॉलिश किया गया है. माता के बर्तन को सोने, चांदी की पॉलिश की गई. माता के श्रृंगार के लिए फल-फूल और साड़ियों का ऑर्डर दे दिया गया है. देवी के आभूषण को सोने की पॉलिश की गई है. 

महालक्ष्मी का ऑनलाइन दर्शन

महालक्ष्मी मंदिर प्रशासन ने भी महालक्ष्मी माता के दर्शन के लिए यूट्यूब पर सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक लाइव प्रसारण की व्यवस्था की है. मंदिर में सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. देवी मां को 9 दिन अलग-अलग रंग की साड़ी पहनाई जाएगी और स्वर्ण आभूषणों से श्रृंगार किया जाएगा. चांदी के बर्तनों और दरवाजे आदि की साफ-सफाई की गई है.

जीवदानी माता मंदिर की भव्य तैयारी

विरार स्थित जीवदानी माता मंदिर की भव्य तैयारियां की गई हैं. मंदिर प्रबंधन समिति के प्रबंधक नितिन पाटील ने बताया कि इस बार सरकार से अनुमति न मिलने के कारण भक्तों को देवी मां का प्रत्यक्ष दर्शन उपलब्ध नहीं हो सकेगा. जीवदानी माता का दर्शन यूट्यूब के जरिए ऑनलाइन कराया जाएगा. मंदिर की सजावट व लाइटिंग की तैयारी हो चुकी हैं. साफ-सफाई के साथ माता के वस्त्र, आभूषण आदि की भी व्यवस्था हो गई है. उन्होंने कहा कि हम उस उद्देश्य से भी तैयारी कर रहे हैं कि यदि एकाएक सरकार की अनुमति मिली तो श्रद्धालुओं को भी सोशल डिस्टेंसिंग के साथ दर्शन कराया जा सके.1440 सीढ़ियों के नीचे ऑफिस में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ भक्त चढ़ावा, देवी मां की साड़ी व अन्य वस्तुएं अर्पित सकते हैं.

अत्यंत सुख व समृद्धि वाली नवरात्रि

हिन्दू धर्म में माता रानी का देवियों में सर्वोच्च स्थान है. ज्योतिर्विद पं. मोहन लाल द्विवेदी ने बताया कि 17 अक्टूबर से चित्रा नक्षत्र में प्रारंभ हो रही नवरात्रि अत्यंत सुख और समृद्धि प्रदान करने वाली मानी जा रही है. इस बार की नवरात्रि पूरे 9 दिनों की है. किसी भी तिथि का लोप नहीं है. इस बार महत्वपूर्ण यह है कि जिस दिन घट स्थापना हो रही है, उसी दिन सुबह सूर्य लग्न में नीच का होगा. यह अत्यंत दुर्लभ घटना है, जो लगभग 20 वर्ष बाद हो रहा है.

घट स्थापना का मुहूर्त

पं द्विवेदी ने बताया कि नवरात्रि में प्रथम दिन घट स्थापना होगी, जाे अभिजीत मुहूर्त में सुबह 11.36 से दोपहर 12.24 बजे के बीच होगी. नवरात्रि में कलश स्थापना सुबह 8.16 से 10.31 बजे तक वृश्चिक लग्न के मुहूर्त में, सुबह 11.36 से 12.24 बजे अभिजीत मुहूर्त में, दोपहर 2.24 से 3.59 बजे तक कुंभ लग्न के मुहूर्त में और इसके बाद रात 7.13 से 9.12 बजे तक ऋषभ लग्न के मुहूर्त में होगी.

9 दिन लगाएं भोग और ऐसे करें पूजा

प्रथम दिन: नवरात्रि के पहले दिन शनिवार को माता शैलपुत्री की पूजा होगी. गाय के दूध से बने हुए व्यंजनों का भोग लगेगा. मंगल ग्रह की शांति होगी.

द्वितीया तिथि: रविवार को मां ब्रह्माचारिणी की अराधना होगी. माता को शक्कर का भोग लगेगा. गुरु ग्रह की शांति होगी.

तृतीया तिथि: सोमवार को मां चंद्रघंटा की अराधना होगी. माता को घी का भोग लगेगा. बुध ग्रह की शांति होगी.

चतुर्थी तिथि: मंगलवार को मां कुष्मांडा को मालपुआ का भोग लगेगा. शनि ग्रह की शांति होगी.

पंचमी तिथि:  बुधवार को मां स्कंदमाता का दिन है, केले का भोग लगेगा. राहु ग्रह की शांति होगी.

षष्ठी तिथि: गुरुवार को मां कात्यायनी की पूजा करें, शहद का भोग लगेगा. केतु ग्रह की शांति होगी.

सप्तमी तिथि: शुक्रवार को मां कालरात्रि की पूजा की जाएगी, गुड़ का भोग लगेगा. शुक्र ग्रह की शांति होगी.

अष्टमी तिथि: शनिवार को मां महागौरी की पूजा होगी. नारियल का भोग लगेगा, सूर्य ग्रह की शांति होगी.

नवमी तिथि- रविवार को सिद्धिदात्री की पूजा होगी. लाई का भोग लगेगा, चंद्र ग्रह की शांति होगी.

रविवार 25 अक्टूबर को ही सुबह नवमी मनाई जाएगी और शाम को दशहरा मनाया जाएगा. वहीं अष्टमी का हवन शनिवार को किया जाएगा.