लोढ़ा को बाहर से आए लोगों पर ज्यादा भरोसा

  • भाजपा को भारी पड़ सकती है पुराने कार्यकर्ता की नाराजगी
  • युवा मोर्चा, महिला मोर्चा सहित अन्य प्रकोष्ठों पर बाहरियों का वर्चस्व

मुंबई. मुंबई बीजेपी की बहुप्रतीक्षित कार्यसमिति का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि इसके अध्यक्ष मंगल प्रभात लोढ़ा ने अपनी टीम में पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं की बजाय दूसरी पार्टियों से आए लोगों को अधिक तरजीह दी है. इससे पुराने और निष्ठावान कार्यकर्ताओं में नाराजगी है और आशंका जताई जा रही है कि इसका असर आगामी मनपा चुनाव पर पड़ सकता है.

राज्य में महाविकास आघाड़ी सरकार बनने के बाद पार्टी नेतृत्व ने विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा को दोबारा मुंबई अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी थी. आपसी तालमेल नहीं बैठ पाने के कारण कार्यसमिति का गठन पिछले 9 माह से लटका हुआ था. शारदीय नवरात्रि के पहले दिन लोढ़ा ने अपनी टीम तो घोषित कर दी, लेकिन पदाधिकारियों की सूची में दूसरी पार्टियों से आए लोगों का नाम अधिक होने से पुराने और निष्ठावान लोगों में निराशा हाथ लगी है. आरोप तो यहां तक लगे हैं कि पार्टी के पूर्व मुंबई अध्यक्ष आशीष शेलार के लोगों को जानबूझकर दरकिनार किया गया है. उनके भाई विनोद शेलार को सचिव पद दे कर यह साबित करने का प्रयास किया गया है कि सभी की सहमति से टीम गठित की गई है. पूर्व अध्यक्ष राजपुरोहित, मधु चव्हाण, पूर्व मंत्री प्रकाश मेहता, किरीट सोमैया को भी नजरअंदाज किए जाने की बात कही जा रही है. पार्टी के लोगों का कहना है कि महिला मोर्चा और युवा मोर्चा किसी भी पार्टी के लिए बड़ा आधार होता है, लेकिन दोनों मोर्चे के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दूसरी पार्टियों से आए लोगों को दी गयी है.

समर्थकों में नाराजगी  

मुंबई बीजेपी की टीम में वर्षों से काम कर रहे विनायक कामथ, श्रीनिवास त्रिपाठी, आर यू सिंह, अतुल शाह, अतुल भातखलकर, बी एन ठाकुर, अशोक सिन्हा, मोहन मिश्र, जे पी मिश्र, श्रीकांत पांडेय, संतोष सिंह ठाकुर,संतोष पांडेय, विट्ठल खरटमोल, सिद्धार्थ गमरे, अनिल ठाकुर जैसे लोगों की उपेक्षा से उनके समर्थकों में नाराजगी है. उत्तर भारतीय मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रहे आर डी यादव को झोपड़पट्टी सेल का संयोजक बनाया गया है. छोटा अटल के नाम से अपनी पहचान बनाने वाले अश्विन व्यास को लोढ़ा ने बुजुर्ग मान लिया है, अब उन्हें वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के बीच काम करने के लिए कहा गया है.

नाराजगी का खामियाजा पार्टी को चुकाना पड़ सकता है

 पार्टी के कुछ लोगों का यह भी कहना है कि पदाधिकारियों के चयन में मुंबई बीजेपी अध्यक्ष मंगल प्रभात लोढ़ा की नहीं बल्कि सांसद गोपाल शेट्टी और मनोज कोटक की चली है.पार्टी के लोगों की तरफ से कहा जा रहा है कि कार्यकर्ताओं की नाराजगी का खामियाजा पार्टी को चुकाना पड़ सकता है.