कोरोना के कारण घरों में पढ़ी गई नमाज

  • सोशल डिस्टेंसिंग के साथ दी गई कुर्बानी
  • मस्जिदों में सिर्फ स्टाफ ने अदा की नमाज
  • पूरी अकीदत के साथ मनाई गई बकरीद
  • अमन और भाईचारे के लिए की गई दुआ

मुंबई. ईद अल अज़हा या बकरीद जिसका इस्लाम में मतलब क़ुरबानी की ईद से होता है. इस्लाम धर्म के अनुयायियों के लिए ईद अल अजहा या बकरीद एक प्रमुख त्यौहार है. रमजान के पवित्र महीने के लगभग 70 दिनों बाद इसे मनाया जाता है. मुंबई के मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में बकरीद पूरी अकीदत के साथ मनाई गई. नमाजियों ने कोरोना के संकट काल को देखते हुए घरों में ही नमाज पढ़ते हुए देश में अमन और भाईचारे के लिए दुआ मांगी. चूंकि बकरीद पर बकरों की कुर्बानी देने की परंपरा है इसलिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए लोगों ने कुर्बानी की रस्म पूरी की. मुंबई में बकरा ईद के अवसर पर दक्षिण मुंबई के भिंडी बाजार, पायधुनी, नागपाडा, डोंगरी, मस्जिद बंदर, माहिम, धारावी, कुर्ला, कालीना, साकीनाका, विक्रोली, मालाड के मालवणी, पठानवाडी, मुंब्रा, अंटापहिल, मानखुर्द, शिवाजी नगर, साकीनाका, आदि मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में सुबह से ही लोगों में बकरा ईद का उत्साह लोगों में देखने को मिला.      

इस्लामिक मान्यता के अनुसार हज़रत इब्राहिम अपने पुत्र हज़रत इस्माइल को इसी दिन खुदा के हुक्म पर, खुदा कि राह में कुर्बान करने जा रहे थे, उनके इस जज्बे को देखते हुए अल्लाह ने उनके पुत्र को जीवनदान दे दिया. जिसकी याद में यह पर्व हर साल मनाया जाता है. ईद-ए-कुर्बां का मतलब है बलिदान की भावना. अरबी में ‘क़र्ब’ नजदीकी या बहुत पास रहने को कहते हैं. इस मौके पर अल्लाह इंसान के बहुत करीब हो जाता है. कुर्बानी उस पशु के जि़बह करने को कहते हैं जिसे 10, 11, 12 या 13 जि़लहिज्ज (हज का महीना) को खुदा को खुश करने के लिए ज़िबिह किया जाता है. कुरान में लिखा है, हमने तुम्हें हौज़-ए-क़ौसा दिया तो तुम अपने अल्लाह के लिए नमाज़ पढ़ो और कुर्बानी करो.  

मस्जिदों में सिर्फ स्टाफ ने ही अदा की नमाज

वैश्विक महामारी कोरोना संकट के चलते पिछले कई महीने से आम लोगों के लिए बंद मस्जिदों में सिर्फ मस्जिद में कार्यरत स्टाफ ने ही नमाज अदा की. सरकारी दिशा निर्देशों का पालन करते हुए लोगों ने भी घरों पर ही नमाज पढ़ी. इस नेक काम में इमामों और हाफिजों ने लोगों को नमाज पढ़ने में मदद की.

दिन भर चला मुबारकबाद का दौर

बकरा ईद में आपसी भाई चारे और सौहार्द का बढिया उदाहरण देखने को मिला. मुस्लिम समाज के अलावा अन्य समुदाय के लोगों ने फोन, व्हाटसप, फेसबुक, ट्विटर समेत अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से अपने मुस्लिम दोस्तों और शुभचिंतकों को बकरा ईद की मुबारकबाद देते रहे. बड़ी संख्या में सभी समुदाय और समाज के लोगों ने मुस्लिम मित्रों के घर जाकर सिवयीं और फिरनी का स्वाद लिया.       

पुलिस व्यवस्था रही चाक चौबंद

बकरा ईद के मद्देनजर पूरे मुंबई भर में पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रही. मुस्लिम इलाकों में जहां नमाज अदा की जानी थी उसको लेकर पुलिस चैकन्नी रही. लोगों को दिक्कत न हो इसके लिए ट्राफिक को भी सुविधा के साथ संचालित किया गया.