तेजस को नहीं मिल रहा प्रतिसाद

  • कोरोना और किराए की वजह से यात्रियों ने मुंह मोड़ा

मुंबई. लॉकडाउन के पहले मुंबई-अहमदाबाद के बीच शुरू हुई देश की दूसरी निजी ट्रेन तेजस एक्सप्रेस के संचालन में मुश्किलें आ रहीं हैं. कोरोनाकाल में लगभग पौने 7 माह बंद रहने के बाद आईआरसीटीसी की मुंबई-अहमदाबाद तेजस ट्रेन पिछले 17 अक्टूबर से फिर शुरू हुई है. शनिवार से पटरी पर आ गई है. बताया गया है कि देश की दूसरी हाई प्रोफाइल निजी ट्रेन में इस समय क्षमता के मात्र 30 से 35 प्रतिशत यात्री ही यात्रा कर रहे हैं.

625 यात्रियों की क्षमता वाली इस ट्रेन में आधे लोगों के लिए ही यात्रा की इजाजत दी गई है, परंतु यात्री न मिलने से कुछ मंगलवार को ट्रेन न चलाने का निर्णय भी लिया गया है. तेजस से सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा का अच्छा ख्याल रखा जा रहा है, लेकिन ट्रेन खाली चलने की होने की वजह से काफी नुकसान संचालन करने वाली कंपनी को झेलना पड़ रहा है.

43 करोड़ की ट्रेन

पश्चिम रेलवे के व्यस्त और अहम माने जाने वाले मुंबई-अहमदाबाद मार्ग पर राजधानी-शताब्दी जैसी प्रीमियम सहित 75 ट्रेनें चलती हैं, लेकिन तेजस का किराया सबसे ज्यादा है. इस अत्याधुनिक ट्रेन के निर्माण में रेलवे को लगभग 43 करोड़ रुपए खर्च करने पड़े हैं. यात्रियों का कहना है कि ट्रेन में सुविधा तो अच्छी है, परन्तु किराया बहुत ज्यादा है. एग्जीक्यूटिव क्लास का किराया प्लेन के किराए से भी ज्यादा है. कोरोना की वजह से मुंबई- अहमदाबाद के लिए ट्रैफिक कम हो गई है. इस रूट पर कई ट्रेनें शुरू भी हो गईं हैं. तेजस को काफी कम यात्री मिल रहे हैं.