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नागपुर. देश के कई शहरों में स्मार्ट सिटी निर्मित करने की केंद्र सरकार की घोषणा के अनुसार सूची में सिटी को शामिल किया गया. करोडो रूपए की योजना को पूरा करने के लिए मनपा की ओर से नागपुर स्मार्ट एंड सस्टेनेबल सिटी डेवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड नाम से एसपीवी (स्पेशल पर्पज वेहिकल) कम्पनी का गठन कर कर्मचारियों की फौज तो तैयार की गई, किंतु अब स्मार्ट सिटी के कई अधिकारी और कर्मचारियों पर आयुक्त का कहर टूट रहा है.

इसका उद्हारण उस समय देखा गया, जब आयुक्त मुंढे के आदेशों से 5 अधिकारियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया. बताया जाता है कि स्मार्ट सिटी में कान्ट्रैक्ट एग्रीमेंट पर अधिकारी और कर्मचारियों की नियुक्ति की गई. कार्यकुशलता के आधार पर सेवाएं बढ़ाने का विकल्प रखा गया. इसी आधार पर अब 5 अधिकारियों की छुट्टी किए जाने की जानकारी सूत्रों ने दी.

दहशत में कई कर्मचारी
सूत्रों के अनुसार पूर्व नागपुर के 1700 एकड़ पर स्मार्ट सिटी की योजना को कार्यान्वित किया जा रहा है. जिसमें कई कार्य अंतिम चरणों में होने का दावा भी किया जा रहा है. इसी बीच अब कार्यकुशलता के आधार पर कम्पनी के महाव्यवस्थापक (मूलभूत सुविधा) घिये, पर्यावरण विभाग के महाव्यवस्थापक महाजन, तकनीकी अधिकारी अमोल गुजर, प्रकल्प के कार्यकारी अधिकारी सुशील बारई और मुख्य सूचना अधिकारी शुभांगी गाढवे की सेवाएं समाप्त करने के आदेश जारी किए गए.

आलम यह है कि न केवल अधिकारी और कर्मचारियों को बर्खास्त करने का सिलसिला कई विभागों में चल रहा है, बल्की आयुक्त की कार्यप्रणाली को देखते हुए कुछ अधिकारी स्वयं इस्तीफा देने की तैयारी में है. इसका ज्वलंत उद्हारण है कि स्मार्ट सिटी के एक अधिकारी बनगीनवार ने स्वयं इस्तीफा दे दिया. मनपा में चल रही इस नीति के चलते अब सभी अधिकारी और कर्मचारियों में दहशत होने की जानकारी भी सूत्रों ने दी.