NEET

  • फॉर्म के पार्ट-बी में भरना होगा, 12वीं का रिजल्ट अगस्त तक आने की उम्मीद

नागपुर. नीट की परीक्षा का शेड्यूल जारी हो गया है. सिटी के छात्रों की तैयारी अब तेज हो गई है. ऐसे में छात्रों के पास अब तैयारी करने का ज्यादा समय भी नहीं बचा है. नीट की परीक्षा इस साल 13 भाषाओं में 12 सितंबर को होगी. रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुके हैं. सिटी के स्टूडेंट्स के सामने चुनौती यह भी है कि उन्हें सीबीएसई के कम्पार्टमेंट, प्राइवेट व इम्प्रूवमेंट एग्जाम के साथ नीट तैयारी भी करनी है.

सीबीएसई ने कोर्स में 30% कटौती की है. लेकिन यह सुविधा नीट के कैंडिडेट्स के पास नहीं है. हालांकि सेक्शन-बी में इंटरनल ऑप्शन का विकल्प दिया जा रहा है. ऐसे में अच्छे स्कोर के लिए स्टूडेंट्स को 100% एनसीईआरटी पढ़ कर जानी चाहिए. साथ ही इस साल बोर्ड एग्जाम स्थगित होने और नीट के एग्जाम में देरी होने से कैंडिडेट्स को तैयारी का समय ज्यादा मिला है. ऐसे में यह निश्चित है कि कट-ऑफ पिछले साल से ज्यादा जाएगा. इसलिए भी स्टूडेंट्स को 100% की तैयारी करनी चाहिए.

12वीं का रिजल्ट कैसे भरें, बढ़ी चिंता

सिटी के स्टूडेंट्स के मन में सवाल है कि फॉर्म में 12वीं का रिजल्ट कैसे भरा जाए. ऐसे में जानकारों का कहना हैं कि फॉर्म का पार्ट-बी अगस्त के पहले हफ्ते में आएगा. उसमें स्टूडेंट्स को 12वीं का रिजल्ट भरना होगा. इसकी सूचना उन्हें ऑफिशियल वेबसाइट के जरिए दी जाएगी. वहीं ऑफलाइन मोड में सीबीएसई एग्जाम के साथ नीट आयोजित होगा. यदि ऐसे में जो स्टूडेंट्स दोनों एग्जाम देंगे उनके लिए दोनों की तैयारी करने की परेशानी रहेगी. क्योंकि हमेशा से नीट 12वीं बोर्ड के कुछ समय बाद आयोजित होता है. 

अगले साल बदल सकता है फॉर्मेट

सिटी के स्टूडेंट्स को इस साल ही फाइनल परफॉरमेंस दे देना चाहिए. क्योंकि पिछले 16 महीनों में सीबीएसई व जेईई में स्टूडेंट्स की सहूलियत के लिए कई बदलाव किए गए हैं. एग्जाम स्थगित भी हुए. ऐसे में नीट का फॉर्मेट भी अगले साल बदल सकता है. वहीं सीबीएसई की तैयारी के साथ उन्हें कुल समय का 70% 12वीं को और 30% 11वीं को देना चाहिए. कमजोर टॉपिक्स को 20% ही समय दें. ज्यादा समय उन टॉपिक्स को दे जो आपको अच्छे से आते हैं.

टाई-ब्रेकिंग क्राइटेरिया में बदलाव

एनटीए ने टाई-ब्रेकिंग क्राइटेरिया में बड़ा परिवर्तन किया है. नीट-यूजी-2021 के इन्फॉर्मेशन-ब्रोशर के पेज-नंबर-50 पर दिए गए टाई-ब्रेकिंग क्राइटेरिया की यदि साल-2020 के टाई-ब्रेकिंग क्राइटेरिया से तुलना की जाए तो साल-2021 में अधिक-उम्र के कैंडिडेट को बेहतर ऑल इंडिया रैंक जारी करने का प्रावधान हटा लिया गया है. साल-2020 तक नीट-यूजी प्रवेश परीक्षा में 2 या दो से अधिक कैंडिडेट्स के सभी स्कोर समान होने पर अधिक-उम्र के स्टूडेंट्स को बेहतर रैंक प्रदान की जाती थी लेकिन अब साल-2021 में ऐसा नहीं होगा.