jaitala Market
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नागपुर. शहर का दायरा बड़ी तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे में अनधिकृत ले-आउट के माध्यम से शहर का चौतरफा विकास हो रहा है. बढ़ती जनसंख्या की आवश्यकता को देखते हुए शहर के विभिन्न हिस्सों में नए-नए अवैध साप्ताहिक और दैनिक बाजार लगने लगे हैं. शहर में वैध बाजारों की कुल संख्या 16 हैं जिसमें 10 साप्ताहिक और 6 दैनिक बाजार का समावेश है. वहीं अवैध रूप से 23 स्थानों पर साप्ताहिक और 20 जगहों पर दैनिक बाजार लगते हैं. हालांकि बाजार की लोगों को जरूरत है. अपने आस-पास बाजार होने से उन्हें सुविधा होती है लेकिन सड़कों पर लगने वाले अवैध बाजारों से कई समस्याओं का निर्माण हो रहा है. इसमें यातायात का बाधित होना प्रमुख है. सड़कों पर लगने वाले बाजार के कारण चौपहिया वाहनों का आवागमन रूक जाता है. दोपहर में रास्ते पर स्टारबस का परिचालन बंद हो जाता है. इससे आम नागरिकों को दिक्कत हो रही है.

सड़कों पर जानवरों की भीड़

बाजार बंद होने के बाद अधिकांश स्थानों और सड़कों पर सब्जियां पड़ी रहती है. मटन विक्रेता द्वारा खुले में फेंके गए मांस के टुकड़े से फैली बदबू के आस-पास के निवासियों को परेशानी होती है. इसके अलावा फेंके गए खराब सब्जियों को खाने के लिए सड़कों पर बड़े जानवरों की भीड़ इकट्ठा होती है जो हादसे का कारण बनते जा रहे हैं. सुविधा के लिए लगाए जाने वाले इन बाजारों के कारण नागरिकों को असुविधा हो रही है. मनपा इसकी अनदेखी कर रही है. लोगों की बाजार की जरूरतों और अवैध बाजारों के कारण होने वाली असुविधा को ध्यान में रखते हुए मनपा को संबंधित सड़कों से अवैध बाजार को हटाकर मैदान में स्थानांतरित करने की आवश्यकता है.

जयताला बाजार

मंगलमूर्ति चौक से जयताला जाने वाली सड़क पर रेलवे क्रॉसिंग पर प्रत्येक रविवार को बाजार लगता है. इससे बड़ा ट्रैफिक जाम होता है. दुकानें सड़कों पर लगाई जाती हैं. मटन मार्केट भी यहीं है. सुर्वेनगर से यशोदानगर की सड़क जाम हो जाती है जिससे क्षेत्र के निवासियों को सरकारी प्रेस कॉलोनी की ओर रुख करना पड़ता है. बारिश के मौसम में सड़क पर कीचड़ हो जाता है. ऐसे में बाजार गंदा हो जाता है. बाजार खत्म होने के अगले दिन चारों ओर सब्जियां और कचड़े पड़े रहते हैं. उसे खाने के लिए सड़कों पर जानवरों की भीड़ एकत्रित होती है. इससे किसी भी समय अप्रिय घटना होने की संभवना बनी रहती है.

अनंतनगर बाजार

अनंतनगर से बोरगांव दिनशॉ फैक्ट्री तक की सड़क प्रत्येक रविवार को अवैध बाजारों से भर जाती है. इसके कारण मनकापुर, पगलखाना चौक, पुलिस लाइन से बोरगांव, गोरेवाड़ा, बरडे ले-आउट, महेशनगर तक भारी ट्रैफिक जाम हो जाता है. इससे स्टार बस का परिचालन बंद हो जाता है. रविवार को खरीददारी करने निकले लोगों को ट्रैफिक के कारण बर्डी जाने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है. उन्हें गिट्टीखदान मार्ग से पैदल जाना पड़ता है या फिर वे अनंतनगर और फिर वहां से ऑटो लेकर बर्डी जाते हैं.

पारडी बाजार ने ली कई लोगों की जान

नागपुर-भंडारा नेशनल हाईवे क्र. 6 पर पारडी के पास प्रत्येक रविवार को अवैध बाजार लगते हैं. एचबी टाउन पुरानी पारडी नाका से नागनदी के ठीक सामने तक सड़कों पर बाजार लगते है. सब्जी विक्रेताओं ने डामर रोड पर दुकाने लगा ली है. इससे भारी वाहनों को जाने के लिए बहुत कम जगह बचती है. नागनदी पुल के पास मछली बाजार लगता है. यहां चौपहिया वाहनों को जाने के लिए जगह नहीं मिलती. हाईवे होने के कारण भारी यहां वाहनों की भीड़ रहती है. बाजार के कारण सड़क बाधित होने से दुर्घटना होती है. यहां बाजार वाले दिन दुर्घटना होती रहती हैं. इन हादसों में कई लोगों ने अपनी जान गंवाई है. इस बाजार को हटाने के लिए आंदोलन किए गए. सड़क भी जाम किया गया. बावजूद इसके सड़कों पर बाजार का लगना जारी है. 

शांतिनगर बाजार

शांतिनगर में प्रत्येक सोमवार को बाजार लगता है. इस दिन दहीबाजार पुल से मेहंदीबाग जाने वाली सड़क पर विक्रेताओं द्वारा दुकानें लगाई जाती है. अब इस रास्ते पर बनी फ्लाईओवर पर दुकानदारों ने सब्जी की दुकाने लगानी शुरू कर दी है. नतीजतन, पुल पार करने वालों को भी नुकसान उठाना पड़ता है. बाजार वाले दिन स्थित यह हो जाती है कि इस सड़क पर एक साधारण रिक्शा भी नहीं जा सकता. मेहंदीबाग, मेकोसाबाग, जरीपटका के लिए यातायात पूरी तरह से बंद हो जाता है. यहां से इतवारी रेलवे स्टेशन के लिए सड़क जाती है.

अवैध साप्ताहिक बाजार

जयताला (रविवार), पारडी (रविवार), सोनेगाव (रविवार), हिवरीनगर (गुरुवार), सीतानगर (शनिवार), हुडको कॉलनी (मंगलवार), फ्रेन्ड्स कॉलनी (बुधवार), पीली नदी (रविवार), उदयनगर रिंग रोड (शनिवार), टिपूसुलतान चौक (सोमवार), ढगे बंगला (मंगळवार), कबीर नगर (शनिवार), मानेवाडा (बुधवार), कपील नगर (बुधवार), शताब्दी चौक (सोमवार), यशोधरा नगर (गुरुवार), रमणा मारोती (शनिवार), पेन्शन नगर (रविवार), हसन बाग (सोमवार), कावरापेठ (बुधवार), विनोबा भावे नगर (शनिवार), शांतीनगर (सोमवार).