Cement Road Construction
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    नागपुर. ऑरेंज सिटी को स्मार्ट बनाने के लिए सिटी के अंदर सीमेंट की सड़कें बनाने का काम चल रहा है लेकिन यह आज तक पूरा नहीं हो सका है. काम काफी लंबे समय से चला रहा है. इसमें काफी लेटलतीफी चल रही है. वर्धा रोड से लेकर जयताला रोड तक सीमेंट की सड़कों का काम चल रहा है लेकिन यहां अब तक एक तरफ की सड़क भी पूरी तरह से नहीं बन सकी है. वहीं दूसरी तरफ अब तक सिर्फ खुदाई का काम ही चल रहा है. लॉकडाउन में हालांकि काम में थोड़ी तेजी जरूर देखी जा रही है लेकिन काम तय समय से काफी पीछे होता नजर आ रहा है.

    खामला सब्जी मंडी पर अब शुरू हुई खुदाई

    सीमेंट की सड़क का काम अभी भी काफी पीछे है. खामला सब्जी मंडी चौक पर तो अब जाकर खुदाई शुरू हुई है. इस चौक से लेकर जयताला की ओर जाने वाली सड़क एक तरफ की पूरी हुई है लेकिन उसकी भी फिनिशिंग नहीं हुई है. आगे जाकर सड़क भी अधूरी ही है. सड़क काम लेट होने से राहगीरों को तो परेशानी हो ही रही है, साथ ही आसपास के दूकानदारों और रहवासियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.   

    बारिश के कारण हो रही परेशानी

    मार्च में रह-रह कर हो रही बारिश भी लगातार काम में बाधा डाल रही है. मंगलवार को खामला सब्जी मंडी चौक पर दूसरी तरफ सड़क खुदाई का काम चल रहा था लेकिन अचानक बारिश होने के कारण यह काम को बंद करना पड़ा. जेसीबी बारिश बंद होने का इंतजार करती रही. वहीं बारिश भी दिनभर रुक-रुक कर होती रही. इस कारण दिनभर का काम प्रभावित हो गया. इससे सड़क कार्य में लगे मजदूर भी बारिश बंद होने का इंतजार करते नजर आए. 

    वर्धा रोड की ओर भी आधा काम अटका

    खामला सब्जी मंडी चौक से वर्धा रोड की तरफ निकलने वाली सड़क का काम भी पूरा नहीं हो सका है. इस मार्ग पर भी आगे जाकर सड़कों का काम बंद हो चुका है. चौक के आसपास ही केवल सड़क का काम चल रहा है. वर्धा रोड की तरफ निकलने वाली सीमेंट की सड़क अभी भी एक तरफ अधूरी है. यहां काम करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि बारिश और अन्य कारण से रोजाना काम नहीं हो पा रहा है. 

    अन्य सीमेंट रोड के भी यही हाल

    महानगर के अंदर बन रहीं सभी सीमेंट की सड़कों का काम फिलहाल देरी से चल रहा है. कहीं पर सड़कों का काम 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है तो कहीं पर 40 प्रतिशत भी नहीं हुआ है. वहीं त्रिमूर्तिनगर के पास बन रही सीमेंट की सड़क की तरफ फिनिशिंग का काम चल रहा है. यहां पर अभी भी 15 प्रतिशत काम बचा हुआ है.