Dragon Fruit

    धूलिया. ड्रैगन फ्रूट (Dragon Fruit) कैक्टस परिवार (Cactus Family) का सबसे महत्वपूर्ण फल है। इस फल की खेती (Cultivation) के लिए योग्य किसानों (Eligible Farmers) को तीन साल में 1 लाख 60 हजार रुपये की सब्सिडी मिल सकती है। जिला कृषि अधीक्षक (District Agriculture Superintendent) विवेक सोनावणे (Vivek Sonawane) ने धूलिया जिले (Dhulia District) के किसानों से इस योजना का लाभ लेने की अपील की है। 

    ड्रैगन फ्रूट अपने पोषक तत्वों और एंटी ऑक्सीडेंट की उच्च सामग्री के कारण सुपर फ्रूट के रूप में जाना जाता है। इस फल में विभिन्न औषधीय गुण होते हैं।  इसके अलावा, फल फास्फोरस और कैल्शियम जैसे खनिजों में भी समृद्ध है। पानी की कमी के बावजूद ये पेड़ हमेशा जीवित रहते हैं।  साथ ही, बीमारियों और कीटों की समस्या नहीं होती और फसल सुरक्षा की लागत अधिक नहीं है। भारतीय बाजार और फसल के रकबे में इस फल की मांग बढ़ रही है। फल के क्षेत्र, मांग, निर्यात क्षमता, औषधीय और पोषण मूल्य को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2021-2022 से एकीकृत बागवानी विकास मिशन के माध्यम से ड्रैगन फ्रूट की खेती को बढ़ावा देने के लिए एक नीति तैयार की गई है। 

    ड्रैगन फ्रूट की फसल की पूर्व-खेती करने के लिए, दो पेड़ों के बीच 3 मीटर x 3 मीटर, 3 मीटर x 2.5 मीटर की दूरी पर गड्ढे खोदें और ढेर के बीच में एक कंक्रीट फ्रेम के साथ कम से कम 6 फीट ऊंचा सीमेंट कंक्रीट का खंभा रखें। इस सीमेंट कंक्रीट के खंभे के एक तरफ चार पौधे रोपने चाहिए।  ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए रोपण सामग्री, समर्थन प्रणाली, ड्रिप सिंचाई, उर्वरक और फसल सुरक्षा के लिए अनुदान देय है।  4 लाख रुपये की परियोजना मूल्य मानकर 1 लाख 60 हजार रुपये का 40 प्रतिशत अनुदान तीन साल में 60:20:20 की दर से देय है।  दूसरे वर्ष में 75 प्रतिशत और तीसरे वर्ष में 90 प्रतिशत वृक्ष जीवित रहेंगे।  धूलिया जिले के अधिक से अधिक किसान Mahadbtmahait.gov.in के तहत बागवानी पर ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए आवेदन करें।  अधिक जानकारी के लिए तहसील कृषि अधिकारी कार्यालय से संपर्क करें, एैसी अपील जिला कृषि अधीक्षक सोनावणे ने की है।