'Break the chain' campaign started, support civil administration Chhagan Bhujbal

    नाशिक. कोरोना (Corona) के बढ़ते प्रसार को रोकने के लिए शासन के लागू किए गए ‘ब्रेक द चेन’ अभियान (Break the Chain Campaign)के अंतर्गत पुलिस प्रशासन (Police Administration) नियमों का सख्त पालन कराएं और नागरिकों को भी सभी नियमों का पालन करना जरुरी है। यह बातें पालक मंत्री छगन भुजबल (Chhagan Bhujbal) ने कही। वह नाशिक शहर और जिले की कोरोना संबंधित बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। जिलाधिकारी कार्यालय के नियोजन सभागृह में बैठक का आयोजन किया गया था।

    भुजबल ने कहा कि 1 अप्रैल को हुई बैठक में दी गई सूचना पर प्रशासन ने अच्छा अमल किया है। इसी प्रकार पुलिस प्रशासन कार्य करे और कोरोना की श्रृंखला को तोड़ने के लिए नियमों का सख्ती से पालन कराए। पिछले 3 से 4 दिनों में शहर के 46 अस्पतालों में नए बेड की व्यवस्था की गई है। मनपा के अस्पतालों में 2000 और जिले के सभी अस्पतालों में 4500 बेड बढ़ा दिए गए हैं। साथ ही जिले में ऑक्सीजन का भरपूर भंडारण उपलब्ध है। टेस्टिंग के लिए मनपा की ओर से शुरु किए गए लैब के माध्यम से रोज करीब 5000 जांच होगी।

    500 होमगार्डों की सेवा का अधिग्रहण

    500 होमगार्डों की सेवा का अधिग्रहण किया गया है क्योंकि कर्फ्यू के दौरान पुलिस विभाग की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है। प्रतिबंधित क्षेत्रों में बैरिकेडिंग, कर्फ्यू आदेशों का सख्ती से पालन करने के लिए पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही जो लोग मास्क नहीं पहनते हैं और सुरक्षित दूरी के नियमों का पालन नहीं करते हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

    30 तक बंद रहेंगी सभी दुकानें

    भुजबल ने यह भी कहा कि सरकार की ओर से ‘ब्रेक द चेन’ के तहत दिए गए निर्देशों के अनुसार आवश्यक को छोड़कर सभी दुकानें 30 अप्रैल तक बंद रहेंगी। नाशिक शहर और जिले में बढ़ते कोरोना के प्रसार को देखते हुए नाशिक आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने फैसला किया है कि जीवन आवश्यक सामग्री की दुकानें सुबह 7 से रात 8 बजे तक खुली रहेंगी। मेडिकल स्टोर और डिस्पेंसरी को इससे बाहर रखा गया है।

    नियमों पर सख्ती से अमल जरूरी

    डिविजनल कमिश्नर राधाकृष्ण गमे ने प्रतिबंधित क्षेत्रों के मुद्दे पर मार्गदर्शन देते हुए कहा कि नाशिक शहर में रोगियों की संख्या को कम करने के लिए प्रतिबंधित क्षेत्रों में सभी लागू किए गए नियमों पर सख्ती से अमल करना आवश्यक है।

     प्रशासन को दें मरीजों की जानकारी

    गमे ने कहा कि प्रतिबंधित सोसाइटियों के अध्यक्षों के लिए यह अनिवार्य है कि वह अपनी सोसाइटी में कोरोना मरीजों की जानकारी प्रशासन को दें। इसी प्रकार संक्रमित मरीजों की ट्रेसिंग पर जोर दिया जाए। कोरोना की पहली लहर में टेक्नोलॉजी की सहायता से तैयार किए गए महाकवच प्रणाली का उपयोग बाधित मरीजों पर बंधन कारक किया जाए। इन सभी उपाय योजना के अंत में कुछ दिनों में मरीजों की संख्या जरूर कम होगी।

    10 वेंटिलेटर आपातकालीन उपयोग के लिए आरक्षित

    जिलाधिकारी सूरज मांढरे ने कहा कि कोविड मरीजों के लिए पुन: योजना बनाकर जिला सामान्य अस्पताल में 100 बेड जोड़े गए हैं। साथ ही 66 वेंटिलेटर वितरित किए गए हैं जहां आवश्यकता होती है और लगभग 9 से 10 वेंटिलेटर आपातकालीन उपयोग के लिए आरक्षित किए गए हैं। 27 ड्यूरा ऑक्सीजन सिलेंडर ऑर्डर किए गए हैं और गुरुवार तक ड्यूरा सिलेंडर मिल जाएंगे। इसी प्रकार मराठा विद्या प्रसारक और एसएमबीटी को अधिक बेड हासिल करने के आदेश दिए गए हैं।

    प्रशासन का सहयोग करें नागरिक

    सूरज मांढरे ने कहा कि वर्तमान स्थिति में स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रावधान में कुछ सीमाए हैं जैसे कि बेड, ऑक्सीजन और दवा की आपूर्ति, लेकिन प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित करने के लिए सशर्त प्रयास किए जा रहे हैं कि नागरिक सरकार द्वारा लगाये गये सख्त प्रतिबंधों का पालन करते हुए सहयोग करें। इस अवसर पर महानगरपालिका, जिला परिषद और पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी पालकमंत्री को इस बैठक द्वारा दी गई।

    बैठक में मौजूद रहे संबंधित विभाग के लोग

    बैठक में डिविजनल कमिश्नर राधाकृष्ण गमे, जिलाधिकारी सूरज मांढरे, महानगरपालिका कमिश्नर कैलाश जाधव, जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी लीना बनसोड, पुलिस अधीक्षक सचिन पाटील, जिला शल्य चिकित्सक डॉ. किशोर श्रीवास, जिला स्वास्थ अधिकारी डॉ. कपिल आहेर, महानगरपालिका के अतिरिक्त आयुक्त प्रवीण अष्टेकर, पुलिस उपायुक्त संजय बरकुंडे, फूड एंड ड्रग्ज प्रशासन की सहायक आयुक्त माधुरी पवार, निवासी चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रशांत खैरे, चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनंत पवार, डॉ. निखिल सैदाणें आदि उपस्थित रहे।