गर्ल्स उर्दू स्कूल के सामने गंदगी का अंबार

कोरोना काल में बढ़ी मुसीबत

धुलिया. मौलवी गंज स्थित मौलाना आजाद कन्या हाईस्कूल के सामने गंदगी का अंबार लगा रहता है. विद्यालय परिसर में प्राथमिक, माध्यमिक, कन्या हाईस्कूल कक्षाएं संचालित होती हैं, जो फिलहाल कोरोना के कारण बंद हैं. यहां प्रतिदिन सैकड़ों बच्चों के साथ लोगों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन स्कूल गेट के सामने गंदगी होने से सड़क से नागरिकों को निकलने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

विद्यालय के पास के निवासी फैला रहे गंदगी

स्कूल के आस-पास रहने वाले लोग ही स्कूल के सामने कचरा डालते हैं. गंदगी और बदबू से सड़क पर चलना औऱ स्कूल में बैठने तक में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. खास बात यह है कि स्कूल प्रबंधन गंदगी की सफाई के लिए कई बार महानगर पालिका से शिकायत कर चुका है, लेकिन महानगर नगर पालिका  तथा स्थानीय पार्षद वसीम बारी कल्पना महाले ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया, जिसके चलते नागरिकों में रोष व्याप्त है. दूसरी तरफ विद्यालय प्रबंधन द्वारा विद्यालय के सामने लोहे का गेट लगा कर विद्यार्थियों को जेल की तरह बंद कमरों में शिक्षा दी जा रही है, इसके चलते छात्राओं को खेलकूद प्रतियोगिता से वंचित रखा जा रहा है. इससे विद्यार्थियों का खेल विकास रुक गया है.

मनपा की उदासीनता से खतरे में स्वास्थ्य

धुलिया शहर में स्वच्छता सफ़ाई विभाग की उदासीनता के कारण स्कूल के मुख्य द्वार से लेकर आस-पास गंदगी का साम्राज्य है. बजबजा रही नालियों का पानी स्कूल में जा रहा है. ऐसे में मोहल्ले के नागरिकों के साथ हो रहे खिलवाड़ के प्रति जिम्मेदार भी आंख बंद किए बैठे हैं. विभाग के अधिकारी है कि इस समस्या से बेखबर हैं. सार्वजनिक स्थलों से लेकर सरकारी संस्थाओं की सफ़ाई को लेकर तमाम अभियान चले, लेकिन इसका असर यहां नहीं दिखा. यहां का नजारा देख साफ है कि लोगों के स्वास्थ्य के प्रति न तो महकमा और न ही जन प्रतिनिधि सजग दिख रहे हैं.