विधायक आहिरे को लगा मनमाने बिल का झटका

मरीजों को लूट रहा सह्याद्रि अस्पताल 

राज्य के वित्त व स्वास्थ्य मंत्री से की शिकायत

कार्रवाई की ओर लगी हैं सभी की निगाहें

नाशिकरोड. कोरोना का इलाज करने के नाम पर शहर के सह्याद्रि अस्पताल द्वारा मनमाने तरीके से बिल वसूलने का झटका विधायक सरोज आहिरे को भी लगा है. विधायक आहिरे ने कहा, स्वस्थ्य होने से पूर्व अस्पताल ने जबरन घर भेजने के लिए दबाव बनाया. विधायक आहिरे सहित उनके भतीजे और मां को शहर के वडाला रोड सह्याद्रि अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती किया गया था.

4 लाख का थमाया बिल

 7 दिनों तक इलाज किया गया. इसके बाद सह्याद्रि अस्पताल प्रशासन ने विधायक आहिरे को 4 लाख रुपए का बिल थमाया. आहिरे के अनुसार उनका पूरा परिवार एक ही कमरे में इलाज करा रहा था. इसके बावजूद तीनों के बिल में कमरे का बिल, डाक्टरों का विजिटिंग चार्जेस, सेप्टी किट चार्जेस अलग-अलग लगाए गए. इस पर विधायक आहिरे ने आपत्ति जताई. इलाज के दौरान दिया गया भोजन अत्यंत निकृष्ट स्तर का होने का आरोप लगाया. मनपा से इस मामले में शिकायत करने के बाद उन्होंने मध्यस्थता की. मनपा आयुक्त ने सह्याद्रि अस्पताल प्रशासन से लगातार संपर्क किया, लेकिन उन्हें कोई प्रतिसाद नहीं दिया गया, एेसा आरोप विधायक आहिरे ने लगाया. उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर सह्याद्रि अस्पताल ने मेरा आर्थिक-मानसिक शोषण किया है. 

मनमानी पर उतारू कार्पोरेट अस्पताल

शहर के सभी कॉर्पोरेट अस्पताल कोरोना मरीजों का आर्थिक व मानसिक शोषण कर रहे हैं. इसमें फार्मा इंडस्ट्री भी शामिल होने की बात कहीं. उन्होंने बताया कि इस मामले में राज्य के वित्त व स्वास्थ्य मंत्री के पास शिकायत से गई है. अब सरकार मरीजों का आर्थिक व मानसिक शोषण कर रहे सह्याद्रि अस्पताल जैसे शहर के अन्य अस्पताल प्रशासन के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है, इस ओर सभी की निगाहें लगी हुई हैं.