ईंधन के बढ़ते दाम ग्राहकों की जेब पर भारी

  • कोरोना की लहर पैदा करेगी मांग में गिरावट

नाशिक. लगभग 2 महीने तक स्थिर रहने के बाद पिछले 4 दिनों से पेट्रोल और डीजल की कीमतें फिर से बढ़ने लगी हैं. इस अवधि के दौरान नाशिक में पेट्रोल में 50 पैसे और डीजल में 87 पैसे की बढ़ोतरी हुई है. इसलिए ईंधन की कीमतें लोगों की जेब पर पड़ेंगी, क्योंकि वे पहले से ही महंगाई के बोझ से परेशान हैं. लॉकडाउन के दौरान भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी जारी रही. इस अवधि के दौरान पेट्रोल 90 से आगे निकल गया था. बिहार चुनाव घोषित होने के बाद ईंधन की कीमतों में गिरावट शुरू हो गई. 23 सितंबर से 19 नवंबर तक 58-दिन की अवधि के दौरान, डीजल की कीमत 76.25 रुपये और पेट्रोल की 88.29 रुपये थी. 

2 महीने स्थिर रहीं दरें 

दिवाली के खत्म होने के तुरंत बाद, इन दोनों ईंधनों की कीमतें बढ़ने लगी हैं. अब जब यह दर तेल कंपनियां तय कर रही हैं. 23 सितंबर से 19 नवंबर तक कंपनियों ने दरों को स्थिर रखा था. उल्लेखनीय है कि इस अवधि के दौरान बिहार में विधानसभा चुनाव होने के कारण, कई लोग अनुमान लगा रहे थे कि ईंधन की कीमतें स्थिर रहेंगी. 

कच्चे तेल की बढ़ रही कीमतें 

कोरोना की एक दूसरी लहर चल रही है, जिससे यूरोप सहित विभिन्न देशों में एक और तालाबंदी की तैयारी हो रही है. इस पृष्ठभूमि में एक ऐसी स्थिति भी है जहां ईंधन की मांग में गिरावट की आशंका के कारण रिफाइनरी उत्पादन में कटौती हो सकती है. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भारत में इन दोनों ईंधन की कीमतों को भी बढ़ा दिया है. इससे आम नागरिकों की जेब ढीली होगी.

दैनिक बजट बिगड़ रहा 

ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण दैनिक बजट बिगड़ रहा है. मुझे हर दिन सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा करनी होती है. इसके लिए ईंधन की खपत बहुत अधिक है, वैकल्पिक रूप से दैनिक ईंधन की खपत में वृद्धि हुई है. 

-नवनाथ मोरे, ग्राहक

सिटी फ्यूल के दाम (रुपये प्रति लीटर में)

तारीख                               पेट्रोल             डीजल

23 सितंबर से 19 नवंबर          88.29           76.25

20 नवंबर                           88.51           76.53

21 नवंबर                           88.65           76.74

22 नवंबर                           88.73           76.94

23 नवंबर                           88.79           77.12