Vikhe Patil

    शिर्डी. महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की परीक्षा (MPSC Exam) को स्थगित करने के लिए एक बार फिर कोरोना (Corona) के प्रतिबंधों को कारण बनाया गया है। इस निर्णय पर पुनर्विचार कर छात्रों को राहत दी जानी चाहिए। अन्यथा छात्रों के नुकसान के लिए सरकार जिम्मेदार होगी। भाजपा (BJP) के वरिष्ठ नेता विधायक राधाकृष्ण विखे पाटिल (MLA Radhakrishna Vikhe Patil) ने यह चेतावनी दी।

    राज्य सरकार ने कोरोना के कारणों का हवाला देते हुए परीक्षा को 5वीं बार स्थगित किया है। छात्र इस उम्मीद में तैयारी कर रहे थे कि परीक्षा 14 मार्च को संशोधित कार्यक्रम के अनुसार होगी। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र पढ़ाई के लिए शहरों में जाते हैं। बार-बार की स्थगित हो रही परीक्षाएं केवल उनके खर्च में वृद्धि कर रही हैं। यह भी ध्यान में रखा जाना चाहिए कि यदि परीक्षा का समय बढ़ाया जाता है तो भविष्य में आयु सीमा के कारण कई छात्रों का परीक्षा में बैठना कठिन होगा। 

    छात्रों को राहत दी जाए राहत

    संवेदनशीलता के अभाव में छात्र के भविष्य को अंधकारमय करने का कारण केवल कोरोना को ही बनाया जा रहा है। केंद्र सरकार ने सभी नियमों के साथ यूपीएसी परीक्षाएं आयोजित कीं। राज्य सरकार को भी उसी तैयारी के साथ परीक्षा लेनी चाहिए। विखे पाटील ने यह भी सवाल किया कि जब राज्य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की उस समय कोरोना नहीं थीं?