राजस्थान में मानवता हुई शर्मसार, अस्पताल के गेट पर हुई डिलीवरी

भरतपुर- राजस्थान के भरतपुर में आज एक झकझोर देने वाली खबर सामने आई, जहांएंबुलेंस कर्मी ने 500 रुपए के लिए गर्भवती महिला को अस्पताल के अंदर नहीं जाने दिया। जिसके कारण महिला ने अस्पताल के गेट पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। इस दौरान नवजात स्ट्रैचर से गिरकर गर्भनाल के ज़रिये लटक गया। जिसे तुरंत परिजनों ने संभाला। 

जबरन वसूले 500 रुपए-
अलवर के डेडकी में रहने वाली 25 साल की संगीता श्रीपुर स्थित अपने मायके में रह रही थी। गुरुवार रात जब उसे दर्द उठा तो उसे तुरंत डीग अस्पताल लाया गया। वहां से उसे भरतपुर के महिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, रास्ते में ही महिला का दर्द और बढ़ गया। भरतपुर अस्पताल पहुंचते ही फ्री सर्विस के बावजूद एंबुलेंस वाले ने 500 रुपए किराया मांगा। गर्भवती के साथ आई महिला ने एंबुलेंस कर्मी से कहा कि पहले वह संगीता को संभाल ले, लेकिन वह ज़िद पर अड़ा रहा और 500 रुपए लेकर ही माना।

डॉक्टर और नर्स की लापरवाही,गेट पर ही हुई डिलीवरी-
इस दौरान अस्पताल की भी लापरवाही देखी गई। काफी देर तक न तो डॉक्टर और न ही नर्स आए। परिजन गर्भवती को 3 फीट ऊंचे स्ट्रैचर पर बैठा रहे थे, तभी डिलीवरी हो गई। इसी दौरान नवजात गर्भनाल से लटक गया। पूरे घटनाक्रम के बाद महिला को पोस्ट नेटल केयर (पीएनसी) वार्ड में भर्ती कराया गया। दूसरे दिन सुबह 8 बजे ओपीडी में डॉक्टर राउंड होने से पहले ही संगीता जा चुकी थी। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि स्टाफ अन्य मरीजों की देखभाल में व्यस्त था, तभी वह बिना किसी सूचना के चली गई।

मामले की जांच होगी-
इस पूरी घटना पर भरतपुर अस्पताल के प्रभारी डॉ.रूपेंद्र झा का कहना है कि पूरे मामले की जांच होगी। साथ ही दोषियों पर कार्रवाई भी की जाएगी। इस मामले पर अस्पताल प्रभारी ने कहा कि जच्चा-बच्चा सुबह तक अस्पताल में भर्ती थे और उन्हें शिशु रोग और स्त्री रोग विशेषज्ञ ने जांच कर भर्ती किया था, वहीं वह दोनों सुरक्षित और स्वस्थ हैं। साथ ही उन्होंने यह भी बताया की सुबह 8 बजे डॉक्टर के राउंड होने से पहले ही जच्चा-बच्चा बिना बताए बेड खाली करके चले गए।