Jharkhand High Court is not satisfied with investigation

    ओमप्रकाश मिश्र 

    रांची. रूपा तिर्की मामले की सुनवाई करते हुए झारखंड हाईकोर्ट (Jharkhand High Court) ने रांची के एसएसपी को दिवंगत रूपा के परिजनों को सुरक्षा (Security) मुहैया कराने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट में रूपा तिर्की के पिता के द्वारा दायर क्रिमिनल रिट (Criminal Writ) पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को 4 सप्ताह में काउंटर एफिडेविट दायर करने का निर्देश देते हुए इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 29 जुलाई की तिथि निर्धारित की है।

    रूपा तिर्की के पिता की याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश संजय कुमार द्विवेदी की अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की तरफ से अदालत को बताया गया कि रूपा तिर्की प्रकरण की जांच के लिए पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है। जिस पर अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि सीआरपीसी में इस तरह का कोई प्रोविजन नहीं है।

    पंकज मिश्रा की भूमिका की जाँच की मांग 

    इससे एक दिन पहले रूपा के पिता देवानंद तिर्की की याचिका पर झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई हुई थी। अधिवक्ता राजीव कुमार ने बताया था कि रूपा तिर्की के मामले में जल्द सुनवाई के लिए अदालत से आग्रह किया गया था, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया गया था। जिसके बाद कोर्ट ने रूपा तिर्की के पिता देवानंद तिर्की के द्वारा दायर क्रिमिनल रिट पर सुनवाई के लिए गुरुवार की तिथि निर्धारित की थी। रूपा के पिता ने हेमंत सोरने के बहुत करीबी माने जाने वाले पंकज मिश्रा की भूमिका की जाँच की मांग की है।

    सीबीआई से मामले की जांच की मांग

    ज्ञात हो कि साहिबगंज की महिला थाना प्रभारी रूपा तिर्की की मृत्यु को संदेहास्पद बताते हुए रूपा के पिता ने झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। रूपा के पिता ने हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिट दायर कर इस पूरे प्रकरण की सीबीआई से जांच की मांग की है और रूपा तिर्की की मृत्यु के लिए पंकज मिश्रा को जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही इस मामले में पंकज मिश्रा की भूमिका की भी जांच की मांग सीबीआई से कराने के लिए झारखंड हाईकोर्ट में गुहार लगाई है।