Tarachand Jain

    ओमप्रकाश मिश्र 
    रांची.पद प्रतिष्ठा (Prestige) और धन (Wealth) प्राप्ति की लालशा किसे नहीं होती, पर समाज में रहकर मानव सेवा (Human Service) से जो शांति मिलती है, उस आनंद की तुलना और किसी दुसरे से नहीं की जा सकती। समाज सेवा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले समाज सेवी (Social Worker) ताराचंद जैन (Tarachand Jain) विगत 46 वर्षों से अनवरत मानव सेवा कार्य से जुड़े है। धर्म के प्रति विश्वास समर्पण और समाज के लोगों को सहयोग करने की प्रवृति को देखते हुए ताराचंद जैन पर एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म का निर्माण किया गया है, जिसे आज रांची के कोकर स्थित निरामया सभागार में पत्रकारों के लिए प्रदर्शित की गई।
     
    वेस्टर्न इंडिया फिल्म प्रोड्यूसर एसोसिएशन मुंबई से सम्बद्ध मौलिक फ़िल्म के तत्वाधान में बनी “देवघरिया संत” नामक इस फिल्म का निर्देशन राजेश झा और शत्रुघ्न प्रसाद ने किया है। दोनों निर्देशक पत्रकारिता से भी जुड़े रहे हैं। फिल्म के प्रदर्शन के पूर्व लायन्स क्लब के अध्यक्ष और ताराचंद जैन के करीबी मित्र प्रदीप जैन काला ने उपस्थित पत्रकारों को संबोधित करते हुए फिल्म निर्माण के उदेश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जैन विषम परिस्थितियों में भी व्यापारियों के हितो और बाजार समिति से जुड़े लोगों की भलाई के लिए हमेशा तत्पर है।फ़िल्म में ताराचंद जैन के सराहनीय कार्यों को दिखाने की कोशिश की गई है। फ़िल्म में दिखाया गया है कि 15 अगस्त 1947 भारत के आज़ादी के दिन जन्म लेने वाले ताराचंद जैन ने वर्ष 1976 में झारखंड के देवघर जिले में मारवाड़ी युवा मंच की स्थापना कर सामजिक क्षेत्र में इस संस्था के कार्यों को बखूबी बढ़ाया। पुरे देश में इस संस्था की 850 से अधिक शाखाएं खुल चुकी है। ताराचंद  ने देवघर में महावीर जैन के मंदिर को निर्मित किया तो वैद्यनाथ धाम मंदिर में हर साल शिव बारात का आयोजन कराते है, अतिथिशाला का निर्माण, गौ सेवा, वृधापेंशन दिलाने, रांची रिम्स में गरीब और मजबूर मरीजों के परिजनों को 4 रुपये में रोटी सब्जी उपलब्ध कराने जैसी कई सेवाओं को जैन लगातार अंजाम दे रहे है।
     
     
    ताराचंद जैन झारखंड के दर्जनों समितियों संगठनों से जुड़े है।ताराचंद जैन पर फिल्म बनाने की जरुरत क्यों पड़ी इस सवाल के जवाब में मौके पर उपस्थित फ़िल्म के निर्देशक राजेश झा और शत्रुघ्न प्रसाद ने कहा कि वर्तमान परिपेक्ष में समाज सेवा के प्रति लोगों की धारणायें बदल गई है। अपने जीवन की आपाधापी में लोग मानव सेवा से विमुख हो गए है। ऐसे में ताराचंद जैन की समाज सेवा के प्रति निष्ठा को देखते हुए इस फिल्म का निर्माण किया गया है। ताकि आम लोग समाज सेवा कार्य में आगे आये, और इस तरह के कार्य से जुड़कर पुण्य का सहभागी बने। फ़िल्म प्रदर्शन के पश्चात डीएवी स्कुल के प्राचार्य एस.के. मिश्र ने ताराचंद जैन द्वारा शैक्षणिक क्षेत्र में अब तक किये गए उनके कार्यों का उल्लेख किया।