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- मौलाना आजाद का जन्‍म 11 नवंबर 1888 को हुआ था। उनके पिता का नाम मोहम्‍मद खैरुद्दीन था, जो एक मुस्लिम विद्वान थे।
- मौलाना आजाद का जन्‍म 11 नवंबर 1888 को हुआ था। उनके पिता का नाम मोहम्‍मद खैरुद्दीन था, जो एक मुस्लिम विद्वान थे।
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- आजाद भारत के शिक्षा मंत्री रहते हुए मौलाना आजाद ने राष्‍ट्रीय शिक्षा प्रणाली बनाई। मुफ्त प्राथमिक शिक्षा उनका मुख्‍य उद्देश्‍य था।
- आजाद भारत के शिक्षा मंत्री रहते हुए मौलाना आजाद ने राष्‍ट्रीय शिक्षा प्रणाली बनाई। मुफ्त प्राथमिक शिक्षा उनका मुख्‍य उद्देश्‍य था।
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- मौलाना सैयद अबुल कलाम गुलाम मुहियुद्दीन अहमद बिन खैरुद्दीन अल-हुसैन आजाद को पूरी दुनिया मौलाना आजाद के नाम से जानती है। वह भारतीय मुस्लिम विद्वान और स्‍वतंत्रता सेनानी होने के साथ ही भारतीय स्‍वतंत्रता आंदोलन के दौरान कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेताओं में से एक थे।
- मौलाना सैयद अबुल कलाम गुलाम मुहियुद्दीन अहमद बिन खैरुद्दीन अल-हुसैन आजाद को पूरी दुनिया मौलाना आजाद के नाम से जानती है। वह भारतीय मुस्लिम विद्वान और स्‍वतंत्रता सेनानी होने के साथ ही भारतीय स्‍वतंत्रता आंदोलन के दौरान कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेताओं में से एक थे।
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- वह आजादी के बाद उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले से 1952 में सांसद चुने गए और भारत के पहले शिक्षा मंत्री बने। खिलाफत आंदोलन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
- वह आजादी के बाद उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले से 1952 में सांसद चुने गए और भारत के पहले शिक्षा मंत्री बने। खिलाफत आंदोलन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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-इंडियन इंस्‍टीट्यूट ऑफ टेक्‍लोनॉजी (IIT) और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की स्‍थापना का श्रेय मौलाना आजाद को ही जाता है।
-इंडियन इंस्‍टीट्यूट ऑफ टेक्‍लोनॉजी (IIT) और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की स्‍थापना का श्रेय मौलाना आजाद को ही जाता है।
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- उन्‍होंने शिक्षा और संस्‍कृति के विकास के लिए संगीत नाटक अकादमी (1953), साहित्य अकादमी (1954) और ललितकला अकादमी (1954) जैसे उत्‍कृष्‍ट संस्‍थानों की भी स्‍थापना की।
- उन्‍होंने शिक्षा और संस्‍कृति के विकास के लिए संगीत नाटक अकादमी (1953), साहित्य अकादमी (1954) और ललितकला अकादमी (1954) जैसे उत्‍कृष्‍ट संस्‍थानों की भी स्‍थापना की।
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- शिक्षा के क्षेत्र में अप्रतिम योगदान के लिए मरणोपरान्त मौलाना आजाद को साल 1922 में भारत के सर्वोच्‍च नागरिक सम्‍मान 'भारत रत्‍न' से सम्‍मानित किया गया था ।
- शिक्षा के क्षेत्र में अप्रतिम योगदान के लिए मरणोपरान्त मौलाना आजाद को साल 1922 में भारत के सर्वोच्‍च नागरिक सम्‍मान 'भारत रत्‍न' से सम्‍मानित किया गया था ।