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  • उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का केन्द्र पर प्रहार

पुणे. केंद्र सरकार को कई बार सूचना देने के बावजूद राज्य में बाढ़ से हुए नुकसान की समीक्षा करने के लिए अभी तक केंद्र से कोई दल नहीं आया है, मदद मिलना तो दूर ही है. यह टिप्पणी करते हुए उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि प्राकृतिक आपदा आने पर केंद्र को पार्टी और विचारधारा के आधार पर पक्षपात नहीं करना चाहिए, हालांकि ऐसा नहीं हो रहा है. राज्य को अभी तक केंद्र से 29 हजार करोड़ रूपये का जीएसटी मुआवजा नहीं मिलने की बात भी उन्होंने दोहराई है.

पार्टी की विचारधारा से ऊपर उठ कर काम करें

उपमुख्यमंत्री पवार ने सातारा जिले के कराड़ स्थित प्रीति संगम में महाराष्ट्र के प्रथम मुख्यमंत्री यशवंतराव चव्हाण की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के बाद पवार ने संवाददाताओं से कहा कि केंद्र सरकार को पार्टी और विचारधारा से ऊपर उठकर प्राकृतिक आपदा के समय राज्यों की सहायता करनी चाहिए. जब राज्य में भारी बारिश से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई थी तब मुख्यमंत्री, पुनर्वास मंत्री और मुख्य सचिव ने केंद्र को पत्र लिखा था. हालांकि अभी तक केंद्र से कोई दल नहीं आया है.

मुआयना करने कोई दल नहीं आया

पवार ने कहा कि कांग्रेस नीत मनमोहन सिंह सरकार के समय यदि ऐसी आपदा आती थी, तो नुकसान की समीक्षा के लिए तत्काल एक दल आता था और राहत पैकेज की घोषणा की जाती थी. मगर आज इतने दिनों बाद भी केंद्र से कोई दल नहीं आया है. राज्यों को केंद्र से मदद मिलनी चाहिए क्योंकि सभी राज्य भारत के अंग हैं. प्राकृतिक आपदा आने पर केंद्र को पार्टी और विचारधारा के आधार पर पक्षपात नहीं करना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है. उन्होंने कहा, इस मुद्दे को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में फिर उठाया गया था और मुख्य सचिव से इस मामले को देखने को कहा गया था.