Muralidhar Mohol

  • महापौर मुरलीधर मोहोल का आश्वासन

पुणे. काेराेना की पृष्ठभूमि पर राज्य में ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य में लाॅकडाउन के बाद मिशन बिगेन अगेन के अंतर्गत सभी व्यवहार चरणबद्ध ढंग से बहाल हाे रहे हैं. पिछले 6 महीने की अवधि में काेराेना संक्रमण की राेकथाम के लिए नागरिकाें ने प्रशासन के साथ बेहतरीन सहयाेग दिया. इस वजह से शहर में किसी भी तरह की जमावबंदी लागू करने का विचार नहीं है. हालांकि, आर्थिक हालातों को पटरी पर लाते समय जनता के साथ ही सभी वर्ग काेराेना संक्रमण की राेकथाम के लिए अधिक सावधान रहें. यह अपील महापाैर मुरलीधर माेहाेल ने की है.

विधान भवन में हुई बैठक

पुणे शहर में काेराेना संक्रमिताें की बढ़ती संख्या पर अंकुश लगाने के लिए मुंबई की तर्ज पर पुणे में भी निषेधाज्ञा लागू करने पर निर्णय लेने के लिए प्रशासनिक स्तर पर चर्चा हाेती है. इसी के तहत उपमुख्यमंत्री और पालकमंत्री अजीत पवार की अध्यक्षता में गत दिन विधान भवन में समीक्षा बैठक संपन्न हुई, जिसमें निषेधाज्ञा के संबंध में भी चर्चा की गई. अजीत पवार ने भी स्थानीय स्तर के निर्णय महापाैर, मनपा कमिश्नर और जनप्रतिनिधियाें काे एकत्रित बैठकर इस संबंध में निर्णय लेने का निर्देश दिया. इसी पृष्ठभूमि पर महापाैर मुरलीधर माेहाेल और पुणे मनपा कमिश्नर विक्रम कुमार ने बैठक की.

नागरिकों का सहयोग जरूरी

इस बैठक में महापाैर ने निषेधाज्ञा लागू न करने की भूमिका रखी. मुंबई में भी अल्पावधि में ही इससे संबंधित आदेश वापस लिए गए. काेराेना की पृष्ठभूमि पर पिछले 6 महीनाें से जारी लाॅकडाउन में नागरिकाें ने अच्छा सहयाेग दिया. आबादी की तुलना में काेराेना संक्रमिताें की संख्या भले ही बढ़ रही हाे, लेकिन उसे नियंत्रण में रखने में भी कामयाबी मिली है. उन्हाेंने स्पष्ट भूमिका लेते हुए कहा कि लाॅकडाउन के बाद मिशन बिगेन के अंतर्गत आर्थिक पहिया पटरी पर लाैट रहा है. पीएमपीएमएल की सेवा भी शुरू की गई है. एक ओर ये प्रयास चल रहे है और फिर से निषेधाज्ञा जैसे उपाय करना नागरिकाें की दृष्टि से ही हितकारक नहीं हैं.

 अभी खतरा टला नहीं, सतर्क रहे नागरिक

महापाैर माेहाेल ने कहा कि हालांकि यह भूमिका लेते समय यह भी ध्यान रखना हाेगा कि अभी तक काेराेना का खतरा टला नहीं है. इस वजह से नागरिकाें काे संक्रमण की राेकथाम के लिए सार्वजनिक स्थानाें पर सावधानी बरतनी चाहिए. मास्क या सैनिटाइजर के इस्तेमाल की बात हाे, सभी नियमाें का कड़ाई से पालन करना हाेगा. इस अभूतपूर्व संकट में प्रशासन दिन-रात काम कर रहा है और उसके साथ जनता का सहयाेग मिलने पर संक्रमण जल्द ही नियंत्रण में आएगा. इसके लिए नागरिकाें काे दैनिक व्यवहार में संक्रमण से बचने व इसे राेकने के लिए अपनी जिम्मेदारी निभानी हाेगी.