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    पुणे. केंद्र और राज्य सरकार के कर्मियों के लिए 1 जनवरी 2016 से 7वां वेतन आयोग (7th Pay Commission) लागू किया गया है। इसके तहत पुणे महानगरपालिका (Pune Municipal Corporation) कर्मियों को भी इसका लाभ मिलनेवाला है। हाल ही में प्रशासन द्वारा प्रस्ताव तैयार कर उसे कमिश्नर (Commissioner) के पास भेज दिया गया है। इसे अब सरकार के पास भेजा जाएगा, लेकिन अब शिक्षा विभाग के वेतन आयोग का प्रस्ताव रुका हुया है क्योंकि यह विभाग पहले स्वायत्त था। इस वजह से प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग को स्वतंत्र प्रस्ताव देने होंगे। ऐसा मनपा प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया था। इसके अनुसार दोनों विभागों के कर्मियों को वेतन का लाभ मिलने का रास्ता साफ हुआ था। दोनों प्रस्तावों को आम सभा ने मंजूरी  दी है। लेकिन इस पर अंतिम मुहर सरकार की लगनी चाहिए। 

    सरकार को भेजने के लिए अभी तक प्रस्ताव तैयार ही नहीं हो पाया है। सिर्फ माध्यमिक शिक्षा विभाग का प्रस्ताव तैयार है। प्राथमिक शिक्षा विभाग के उदासीन रवैये से प्रस्ताव ही नहीं बन पाया है। इस वजह से इसे सरकार को भेजने में देरी हो रही है। इस बीच मनपा राजनेता व शिक्षा संघ द्वारा मांग की जा रही है कि वेतन आयोग का प्रस्ताव मनपा स्तर पर मंजूर कर लागू किया जाए। साथ ही संघ द्वारा सोमवार को आंदोलन भी किया जाएगा। 

     प्राथमिक विभाग का प्रस्ताव तैयार नहीं 

    2017 से शिक्षा मंडल का स्वतंत्र अस्तित्व था, लेकिन उसके बाद उसे बर्खास्त किया गया। इस वजह से अब मनपा में शिक्षा विभाग के तौर पर समाविष्ट करके लिया गया है। इसमें प्राथमिक व माध्यमिक ऐसे दो विभाग है। 7 वे वेतनआयोग का लाभ उठाने के लिए दोनों को स्वतंत्र प्रस्ताव देने पड़े थे। क्योंकि पहले से ही इन कर्मियों को राज्य सरकार के तौर पर वेतन मिलता था। दोनों प्रस्तावों को आम सभा ने मंजूरी  दी है। लेकिन इस पर अंतिम मुहर सरकार की लगनी चाहिए। सरकार को भेजने के लिए अभी तक प्रस्ताव तैयार ही नहीं हो पाया है। सिर्फ माध्यमिक शिक्षा विभाग का प्रस्ताव तैयार है। प्राथमिक शिक्षा विभाग के उदासीन रवैये से प्रस्ताव ही नहीं बन पाया है। इस वजह से इसे सरकार को भेजने में देरी हो रही है। अब प्रस्ताव तैयार कर उसे लेखापाल की मंजूरी लेकर कमिश्नर के पास भेजना होगा। इसमें काफी देरी हो सकती है। 

    आयोग लागू होने में और देरी होगी

    शिक्षा विभाग के करीब 5-6 हजार कर्मी है। इसमें अध्यापकों की तादाद ज्यादा है। दरअसल वेतन आयोग का प्रस्ताव सरकार के पास भेजने की आवश्यकता नहीं थी। लेकिन आम सभा ने मंजूरी देते समय ऐसी शर्त रखी थी। इस वजह से इसे सरकार के पास भेजना पड़ रहा है। जिसके चलते आयोग लागू होने में और देरी होगी। इस बीच मनपा राजनेता व शिक्षा संघ द्वारा मांग की जा रही है कि वेतन आयोग का प्रस्ताव मनपा स्तर पर मंजूर कर लागू किया जाए। साथ ही संघ द्वारा सोमवार को आंदोलन भी किया जाएगा। 

    राज्य के सभी नगर निगमों में सभी प्राथमिक शिक्षकों के लिए 7वां वेतन आयोग लागू किया गया है। वेतन आयोग में अंतर के अलावा, स्वीकृत राशि सरकार को वापस कर दी गई है। हमारी मांग है कि मनपा स्तर पर प्रस्ताव को मंजूरी दी जाए। प्रस्ताव बनाने और निगम को भेजने में देरी के कारण व प्रस्ताव लिखने के लिए शिक्षा अधिकारी को कलम और गुलाब देकर गांधीगिरी आंदोलन किया जाएगा।

    - सचिन डिम्बले, नेता, राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ, पुणे

    महाराष्ट्र राज्य के अन्य नगर निगमों की तरह पुणे नगर निगम शिक्षा विभाग के प्राथमिक शिक्षकों को कमिश्नर के अधिकार में नगर निगम स्तर पर सातवां वेतन आयोग लागू किया गया है। कमिश्नर, पुणे नगर निगम के अधिकार के तहत पुणे नगर निगम के स्तर पर 7वां वेतन आयोग तुरंत लागू करें।

    - दीपाली धुमाल, विपक्षी नेता, पुणे मनपा