मनपा कर्मियों को दीपावली का उपहार, मिलेगा बोनस और सानुग्रह अनुदान

पुणे. महापालिका में स्थायी रूप से काम करनेवाले कर्मी और अधिकारियों को बोनस और सानुग्रह अनुदान देने का फैसला हाल ही में महापालिका आम सभा में किया गया था. इसके अनुसार हर साल बोनस के साथ ही सानुग्रह अनुदान दिया जाता है.

इस साल कोरोना का संकट होने के कारण इसको लेकर आशंका जताई जा रही थी, लेकिन लेखपाल विभाग ने बोनस और सानुग्रह अनुदान देने के निर्देश दिए है. मनपा कर्मियों के लिए तह दीपावली का उपहार माना जा रहा है. 

स्थायी कर्मियों को पहले ही मंजूर 

गौरतलब है कि महापालिका में स्थायी रूप से काम करनेवाले कर्मियों और अधिकारियों को दीपावली पर बोनस अदा किया जाता है. इसका प्रावधान मनपा कानून में भी किया गया है. कर्मियों और अधिकारियों को 8.33 प्रतिशत बोनस दिया जाता है. साथ ही 15 हजार का सानुग्रह अनुदान भी दिया जाता है. कानून में इस तरह का प्रावधान होने के बावजूद भी मजदूर संगठन को ही दखल लेनी पड़ती थी क्योंकि पहले से ही कर्मियों के वेतन से यह राशि काट ली जाती है. फिर भी इन लोगों को बोनस नहीं मिलता था. लेकिन बार-बार मांग करने के बावजूद अब मनपा प्रशासन की ओर से स्थायी रूप से काम करनेवाले कर्मी और अधिकारियों को बोनस मंजूर किया गया है. इसे स्थायी समिति के साथ ही आम सभा ने भी मंजूरी दे दी है. बाद में पीएमपी कर्मियों को भी बोनस देने पर फैसला किया गया है. अब ठेका कर्मियों को भी बोनस दिया जाएगा. इससे संबंधित निर्देश भी अतिरिक्त आयुक्त द्वारा दे दिए गए थे. उन्हें भी बोनस मंजूर किया गया है. 

180 दिन की उपस्थिति जरूरी 

महापालिका के सभी अधिकारी और कर्मचारी (वेतनभोगी कर्मचारी सहित) और माध्यमिक और तकनीकी शिक्षा विभाग के शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारी, शिक्षा बोर्ड के शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारी के लिए  2015-2016 से  मूल वेतन + ग्रेड वेतन + महंगाई भत्ता पर 8.33%  निर्धारित दर पर 15 हजार का सानुग्रह  अनुदान के भुगतान स्वीकृत किया गया है. इसके  अनुसार वर्ष 2018-19 के लिए सानुग्रह अनुदान का भुगतान किया गया था. इसके अनुसार इस साल भी बोनस व सानुग्रह अनुदान मिलेगा. सिर्फ वर्ष 2019-2020 के लिए बालवाड़ी शिक्षा शिक्षकों, शिक्षकों और शिक्षा सेवकों के लिए मूल वेतन, ग्रेड वेतन, मुद्रास्फीति भत्ता / वेतन का 8.33%,  9,500 सानुग्रह अनुदान उपस्थिति के अनुपात में भुगतान किया जाएगा. प्रशासन द्वारा कहा गया है कि  वास्तविक कार्य उपस्थिति के लिए कम से कम 180 दिन की आवश्यकता होगी. हालांकि केवल काम पर यदि किसी कर्मी  को विशेष चिकित्सा अवकाश किसी दुर्घटना के कारण दिया जाता है, तो ऐसा अवकाश सेवा नियमन की सीमा के भीतर उपस्थिति मानी जाएगी.