हमारी दोस्ती जंगल के बाघ से थी, पिंजरे के नहीं : चंद्रकांत पाटिल

    पुणे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Chief Minister Uddhav Thackeray) के बीच हुई बैठक के बाद शिवसेना नेता संजय राउत (Sanjay Raut) और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल (Chandrakant Patil) के बीच तीखी नोकझोंक छिड़ गई। चंद्रकांत पाटिल ने संजय राउत पर पलटवार किया कि हमारी दोस्ती जंगल के बाघ से है, पिंजरे के बाघ से नहीं। असल में पुणे में एक समारोह में पाटिल ने हम बाघ से दोस्ती करने के लिए तैयार रहने का बयान दिया था। उसके बाद शिवसेना के संदर्भ में बाघ को जोड़ते हुए कई राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आईं।  उस पर संजय राउत ने कहा था, किससे दोस्ती करनी है और किससे नहीं है वह बाघ खुद तय करता है।

    इसके बाद गुरुवार को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ‘घर-घर टीकाकरण’ कार्यक्रम के उद्घाटन के लिए पुणे आए थे। इसमें उन्होंने संजय राउत के बयान का जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि जंगल में बाघ के साथ हम दोस्ती करते हैं, पिंजरे में नहीं। शिवसेना की वर्तमान स्थिति पिंजरे में बंद बाघ की तरह है, इसलिए मैं उनसे दोस्ती नहीं करना चाहता। यही नहीं, चंद्रकांत पाटिल ने अजीत पवार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि संजय राउत का असर अजीत पवार पर पड़ गया है। बहरहाल पाटिल की टिप्पणी पर शिवसेना के खेमे से खासकर सांसद संजय राउत की ओर से क्या जवाब आता है? यह देखना दिलचस्प होगा।

    आगामी मनपा चुनाव बापट के नेतृत्व में लड़ा जाएगा

    आज चंद्रकांत पाटिल का जन्मदिन पर शहर में कई अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। पुणे में पहली बार चंद्रकांत पाटिल का जन्मदिन इतने बड़े पैमाने पर मनाया जा रहा है। इसमें मुफ्त टीकाकरण से लेकर रिक्शा चालक को मुफ्त सीएनजी कूपन तक के के कार्यक्रम शामिल हैं। चुनाव से पहले भाजपा कार्यकर्ता चंद्रकांत पाटिल के करीब आने की प्रतियोगिता करते नजर आ रहे हैं। इससे पहले गिरीश बापट के नेतृत्व को मानने वाले कई कार्यकर्ता चंद्रकांत पाटिल के पक्ष में चले गए। पुणे मनपा चुनाव की योजना में किसी भी बैठक में गिरीश बापट को शामिल नहीं किया गया है। हालांकि, इस पर सवाल पूछने के बाद उन्होंने कहा कि, गिरीश बापट और उनकी अपनी गुप्त बैठकें होते रहती हैं। आगामी मनपा चुनाव बापट के नेतृत्व में लड़ा जाएगा।