कोविड सेंटरों में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल

  • भाजपा महिला मोर्चा का राज्यव्यापी आंदोलन

पिंपरी. राज्य के विभिन्न शहरों के कोविड सेंटरों और अस्पतालों में महिला रोगियों पर अत्याचार की घटनाएं बढ़ी हैं. नतीजतन कोविड सेंटरों में महिलाओं का इलाज सुरक्षित नहीं है? यह सवाल खड़ा हो गया है. राज्य की महाविकास आघाडी सरकार इस संबंध में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है.यह आरोप लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की ओर से मंगलवार को राज्यव्यापी आंदोलन किया गया.इस कड़ी में पिंपरी-चिंचवड़ में भी पुलिस और मनपा कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा गया.

महिला मोर्चा की प्रदेशाध्यक्ष उमा खापरे ने कहा कि राज्य के कोविड सेंटरों में महिलाएं असुरक्षित हैं. महिलाओं के खिलाफ अत्याचार और उत्पीड़न की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़ा हुआ है. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ पत्राचार करने के बाद भी इस पर ध्यान नहीं दिया गया. महाविकास आघाडी सरकार के कार्यकाल में पूरे महाराष्ट्र में महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा गंभीर हो गया है. 

विभिन्न मांगें की गई

आज के आंदोलन के जरिए कोविड सेंटरों के महिला वार्डों में महिला सुरक्षा रक्षक की तैनाती, रात में कोविड सेंटरों के परिसरों में पुलिस पैट्रोलिंग बढ़ाने, इमरजेंसी में तत्काल कार्रवाई के लिए पैट्रोलिंग टीम के पास पीपीई किट उपलब्ध कराने समेत विभिन्न मांगें की गई. पिंपरी-चिंचवड पुलिस कमिश्नर कृष्णप्रकाश से मिले महिला मोर्चा के प्रतिनिधि मंडल में प्रदेश पदाधिकारी शैला मोलक, शहर अध्यक्षा उज्वला गावडे, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य भारती विनोदे, कोमल कालभोर, जिला महासचिव दिपाली धनोकार, सुप्रिया पाटील, शहर महासचिव सोनम मोरे, दीपाली धनोकार, शहर उपाध्यक्ष रंजना चिचवड़े, सोनम जांभुलकर आदि शामिल थे.प्रदेशाध्यक्ष उमा खापरे ने आरोप लगाया है कि स्थानीय प्रशासन का भी महिलाओं की सुरक्षा से कोई लेना-देना नहीं है.इससे पता चलता है कि सरकार का प्रशासन पर कोई नियंत्रण नहीं है.