डॉ. नायडू हॉस्पिटल को स्थानांतरित करने का शिवसेना ने किया विरोध

पुणे. पिछले 100 सालों से संक्रामक बीमारियों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे डॉ. नायडू हॉस्पिटल का विस्तार उसी परिसर में करें. इस जगह पर प्रस्तावित स्व. अटलबिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज का निर्माण स्वारगेट स्थित लक्ष्मी नारायण थियेटर के सामने वाली खुली जगह पर हो. कोरोना के खिलाफ जारी संघर्ष में शामिल मनपा, सरकारी तथा पुलिस विभाग के कई लोग इस बीमारी की चपेट में आ गए हैं. उनके उपचार के लिए जम्बो कोविड सेंटर में विशेष रूप से व्यवस्था हो. यह मांग शहर शिवसेना द्वारा मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से की गई. 

पुणे दौरे पर यहां पहुंचे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से शिवसेना शहर प्रमुख संजय मोरे, जिला प्रमुख रमेश कोंडे, गुटनेता पृथ्वीराज सुतार, सहसंपर्क प्रमुख श्याम देशपांडे, प्रशांत बधे आदि पदाधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की और उन्हें इन मांगों क ज्ञापन दिया. ज्ञापन में कहा गया है कि पुणे स्टेशन परिसर में ससून और डॉ. नायडू हॉस्पिटल आदि 2 सरकारी और मनपा हॉस्पिटल सहित बड़ी संख्या में अन्य प्राइवेट हॉस्पिटल हैं. इसकी तुलना में दक्षिणी भाग में एक भी सरकारी या मनपा हॉस्पिटल नहीं है. 

 बहुत पुराना है डॉ. नायडू हॉस्पिटल

डॉ. नायडू हॉस्पिटल बहुत पुराना है. यहां संक्रामक बीमारियों का उपचार किया जाता है. इस जगह पर स्व. अटलबिहारी वाजपेयी के नाम वाला मेडिकल कॉलेज प्रस्तावित है. इस ऐतिहासिक हॉस्पिटल को स्थानांतरित न करते हुए मेडिकल कॉलेज का निर्माण स्वारगेट स्थित खुली जगह में हो. इससे शहर के दक्षिणी भाग तथा सिंहगढ़ रोड परिसर के नागरिकों को भी उपचार की सुविधा मिलेगी तथा शहर में हॉस्पिटल का असंतुलन भी दूर हो सकेगा. उक्त ज्ञापन में आर-7 के अंतर्गत मनपा के स्वामित्व में आईं प्रॉपर्टीज का उपयोग कोविड हॉस्पिटल के लिए किए जाने तथा वानवडी स्थित इनामदार हॉस्पिटल की 2 मंजिलें अब तक आर-7 के अंतर्गत मनपा के स्वामित्व में न आ सकने को लेकर भी मुख्यमंत्री का ध्यानाकर्षण किया गया है.