अनलॉक-2.0 : लोगों की उम्मीदों के बीच, प्रशासन को सता रही कोरोना की चिंता

– सहूलियत मिलने के बाद से बढ़ने लगी है संक्रमितों की संख्या

पिंपरी. कोरोना का संक्रमण रोकने देशभर में लागू किये गए लॉकडाउन का पांचवां संस्करण समाप्ति की ओर है. हालांकि सरकार ने पांचवें संस्करण को ‘अनलॉक 1.0’ का नाम देकर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाने के लिहाज से कई सहूलियतें घोषित की. 

अब जब इसका पहला चरण समाप्त होने की ओर है तब अनलॉक 2.0 से आम से लेकर खास हर तबके को काफी उम्मीदें हैं. मगर लोगों की बढ़ती उम्मीदों के बीच सरकार और प्रशासन को महामारी कोरोना के संक्रमण बढ़ने की चिंता सता रही है क्योंकि अनलॉक 1.0 के साथ महामारी के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ गई है.

सहूलियतों के साथ संक्रमण के भी बढ़ने की आशंका

कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते 25 मार्च से लेकर 31 मई तक कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन लगाया गया था. इसके बाद एक जून से अनलॉक 1.0 की शुरुआत हुई. अनलॉक 1.0 में कोरोना ने जमकर कहर बरपाया और आज आलम यह है कि देश में कोरोना से संक्रमित होने वालों की संख्या पांच लाख के करीब पहुंच गई है. अकेले पिंपरी चिंचवड़ शहर की बात करें तो यहां संक्रमितों का आंकड़ा 2300 पार कर गया है. अब 30 जून से देश में अनलॉक 2.0 की शुरुआत हो सकती है. इससे लॉकडाउन के चलते बेहाल लोगों की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं. हालांकि जिस तरह कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, ऐसे में अनलॉक 2.0 में कितनी सहूलियतें मिल सकेंगी? यह सवाल गहरा गया है. क्योंकि सहूलियतों का पिटारा खुलते ही महामारी के संक्रमण का खतरा बढ़ने की संभावना तेज हैं.

लोगों की जिन्दगी आसान बनाने की कवायद

पिंपरी-चिंचवड़ में 10 मार्च को कोरोना का पहला मरीज मिला था. स्थानीय मनपा की जागरूकता और रोकथाम के उपायों से अप्रैल के मध्य तक महामारी पर नियंत्रण पा लिया गया, मगर तब तब्लीगी मरकज के मामले ने चिंता बढ़ा दी. इसके बाद भी शहर में रिकवरी रेट खासा रहा. जैसे ही अनलॉक 1.0 की घोषणा हुई वैसे ही कोरोना मुक्त होते-होते रह गए पिंपरी-चिंचवड़ शहर में संक्रमण तेजी से बढ़ने लगा. आज आलम यह है कि महामारी के संक्रमित मरीजों की संख्या 2300 पार हो गई है. 30 जून को अनलॉक 1.0 समाप्त हो रहा है. अनलॉक 2.0 की से लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी आसान बनाने के लिहाज से कुछ और सहूलियतों की घोषणा ही सकती है. मगर अनलॉक 2.0 से सरकार और प्रशासन दोनों की चिंता बढ़ गई है.

स्कूल-कॉलेज शुरू होना मुश्किल

पिंपरी-चिंचवड़ मनपा आयुक्त श्रावण हार्डिकर की मानें तो जुलाई अंत तक शहर में संक्रमितों की संख्या 10 हजार तक पहुंच जाएगी. क्योंकि झुग्गी बस्तियों में महामारी का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे में अनलॉक 2.0 सहूलियतों के पिटारे खोलने के साथ कोरोना के संक्रमण का खतरा भी बढ़ाएगा. शिक्षा क्षेत्र की बात करें तो अभी भी स्कूल- कॉलेज खुलने के कोई निशान नहीं दिख रहे हैं. 10वीं और 11वीं की ऑनलाइन पढ़ाई शुरू हो चुकी है. हालांकि 10वीं से नीचे की कक्षाओं के लिए अभी कोई निर्देश नहीं है. मनपा की शिक्षा अधिकारी ज्योत्स्ना शिंदे ने स्कूल कॉलेजों को फीस के ज्यादती करने को लेकर आगाह किया है. फीस और ऑनलाइन पढ़ाई की सख्ती करनेवाले स्कूलों की मान्यता रद्द करने की चेतावनी उन्होंने दी है.

दुकानें खोलने के नियम और सख्त होंगे

सम-विषम तारीखों के अनुसार अनलॉक 1.0 में दुकानें खोलने की अनुमति दी गई हैं, अनलॉक 2.0 में सभी दुकानें सभी दिन खुलने की उम्मीद है. मगर अभी जिस तरह से सोशल डिस्टन्टिंग की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, उस लिहाज से यह तय माना जा रहा है कि अनलॉक 2.0 में दुकानें खोलने की शर्तें व नियम और भी कड़े होंगे. शहर का प्रमुख बाजार हाट माने जाने वाले पिंपरी बाजार में सोशल डिस्टन्टिंग की धज्जियां उड़ने से बाजार को पुनः बंद करने के आदेश गत रात ही जारी किए गए हैं. इससे व्यापारी वर्ग त्रस्त हैं. बैंक की किश्तें, नौकरों का वेतन आदि का निबाह करना मुश्किल बन गया है.

मॉल, थिएटर शुरू होने की संभावना कम

शॉपिंग मॉल, मल्टीप्लेक्स थिएटर अनलॉक 1.0 में भी बन्द रहे, अगले चरण में उनके भी खुलने की उम्मीद है, मगर संभावना कम ही है. आर्थिक संकट से जूझ रहे सलून, स्पा, ब्यूटी पार्लर को शुरु करने की शर्तिया अनुमति देने की घोषणा गत दिन ही की गई है. लॉकडाउन में होटल रेस्टोरेंट को पार्सल देने की सुविधा दी गई है हालांकि ये प्रयास उन्हें आर्थिक संकट से उबारने के लिए काफी नहीं है. बीते दिन आर्थिक संकट से जूझ रहे एक होटल व्यवसायी द्वारा खुदकुशी किये जाने की घटना पुणे में घटी है. ऐसे में होटल रेस्टोरेंट उद्योग को अनलॉक 2.0 से काफी उम्मीदें हैं.

मैन पॉवर की समस्या का निराकरण होना चाहिए

पिंपरी-चिंचवड़ को रेडजोन से अलग किये जाने के बाद शहर के उद्योगों- व्यवसायों में कर्मचारियों की संख्या 30 फीसदी तक सीमित रखने की जटिलता से राहत मिली है. मगर शहर का औद्योगिक क्षेत्र मनुष्यबल की भारी कमी से जूझ रहा है क्योंकि लॉकडाउन में रोजगार बन्द हो जाने से लाखों की तादात में प्रवासी मजदूर अपने ग्रामगृह लौट गए हैं. पिंपरी चिंचवड़ लघु उद्योग से संगठन के अध्यक्ष संदीप बेलसरे ने अनलॉक 2.0 से उद्योग व्यवसायों की उम्मीदों के बारे में बात करते हुए कहा कि सरकार को मनुष्यबल की कमी को पूरा करने के लिए ठोस कदम उठाना चाहिए. अपने ग्रामगृह लौट चुके मजदूरों को वापस लाने के लिए सुविधा देनी चाहिए. दूसरे राज्यों के मजदूरों को लौटने के लिए ट्रेनों की सुविधा है मगर अपने राज्य के मजदूर चाह कर भी लौट पा रहे हैं. यह एक गंभीर समस्या है जिससे यह उद्योग, व्यवसाय, क्षेत्र जूझ रहा है.

50 प्रतिशत सिटी बसें शुरू, लेकिन प्रतिसाद नहीं

पीएमपीएमएल की ओर से शहर में 50 प्रतिशत सिटी बसें विभिन्न रूट्स शुरू की गई है, लेकिन इन बसों की फ्रिक्वेन्सी कम होने के कारण यात्रियों का पर्याप्त प्रतिसाद नहीं मिल रहा है. साथ ही एक सीट पर एक ही यात्री के बैठने की शर्त के कारण लोग रिक्शा का उपयोग ज्यादा कर रहे हैं. इसके अलावा लोगों में संक्रमण का डर होने के कारण भी लोग बसों से यात्रा करने से बचते नजर आ रहे हैं. हालांकि अनलॉक-2 में सभी रूट्स पर बस चलाने की आसार फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं.

बेवजह घूमने फिरने की नहीं होगी आजादी

अनलॉक 2.0 में लोग कहीं भी बेवजह घूमने फिरने की आजादी न समझे. जुलाई तक शहर में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 10 हजार तक पहुंचने के आसार है. हालांकि हमारे शहर में संक्रमितों के स्वस्थ होने का प्रमाण यानी रिकवरी रेट 60 फीसदी है. बिना जरूरत के घरों से बाहर न निकलें, जरूरत के अनुसार बाहर निकलते वक्त मास्क का परिधान अवश्य करें. कंटेन्मेंट जोन में रहनेवालों को कम कम 15 दिनों तक घरों से बाहर नहीं निकलना चाहिए. अन्यथा न मरीज कम होंगे न कंटेन्मेंट जोन से बाहर आ सकेंगे.  – श्रावण हार्डिकर, आयुक्त, पिंपरी-चिंचवड़ मनपा  

 सभी दुकानें  खोलने की अनुमति मिलनी चाहिए

लॉकडाउन खोलते वक्त सरकार ने व्यापारियों के लिए जो घोषणा की थी उसकी अमलबाजी नहीं हुई. गरीब व्यापारी बैंक के कर्जों में डूबे हुए हैं उन्हें किश्तों और ब्याज में कोई सहूलियतें नहीं मिली है. अनलॉक 2.0 में दुकानों को खोलने की अनुमति मिलनी चाहिए. जो दुकानदार सोशल डिस्टन्टिंग का पालन नहीं करता है उसके खिलाफ कार्रवाई हो मगर कुछ दुकानदारों के पूरा बाजार बंद करना ठीक नहीं है. बिजली बिल, प्रॉपर्टी टैक्स, बैंक लोन के ब्याज में सहूलियतें मिलने से गरीब व्यापारियों को काफी राहत मिल सकेगी. – राजू नागपाल, अध्यक्ष पिंपरी-चिंचवड़ भाजपा व्यापारी प्रकोष्ठ

हमारी सरकार से किसी पैकेज की मांग नहीं है, मगर इतना जरूर चाहते हैं कि हमारा उद्योग भी शुरू करने की अनुमति मिले. हमने सरकार से एक्साइज ड्यूटी, प्रॉपर्टी टैक्स, बिजली बिल में छूट देने की मांग की थी, उसका सहानुभूति पूर्वक विचार किया जाना चाहिए. – पद्मनाभ शेट्टी, अध्यक्ष, पिंपरी-चिंचवड़ होटल- रेस्टोरेंट बार असोसिएशन