अरविंद की पंजाबियों से पुकार, चरणजीत चन्नी हैं नकली केजरीवाल

    पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘‘निशानेबाज, आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को ‘नकली केजरीवाल’ करार देते हुए कहा कि चन्नी मुफ्त बिजली देने की घोषणा से लेकर आटोरिक्शा चालकों से संवाद करने तक हर बात में उनकी हूबहू नकल कर रहे हैं. पंजाबवासी उनसे सावधान रहें.’’ 

    हमने कहा, ‘‘असली और नकली में भेद कर पाना कई बार बहुत मुश्किल हो जाता है. हीरे की परख जौहरी करता है तो नेता की परख जनता ही कर पाती है. पब्लिक कहती है- असली क्या है, नकली क्या है, पूछो दिल से मेरे!’’ पड़ोसी ने कहा, ‘‘निशानेबाज, जब किसी लोकप्रिय नेता की नकल दूसरा नेता करने लग जाए तो बुरा लगना स्वाभाविक है. 

    कभी-कभी ओरिजिनल पीछे छूट जाता है और डुप्लीकेट चलन में आ जाता है. कहते हैं कि खोटा सिक्का हमेशा अच्छे सिक्के को चलन से बाहर कर देता है. लोग असली चमकता सिक्का अपने पास दबा लेते हैं और खोटा सिक्का पहले चलाना चाहते हैं. जमाने की यही रीत है.’’ 

    हमने कहा, ‘‘देश में पेटेंट संबंधी कानून मौजूद है. केजरीवाल खुद को पेटेंट करवा सकते हैं ताकि उनकी नकल करने वाले किसी भी नेता पर कानूनी कार्रवाई कर सकें. अरविंद केजरीवाल को अपनी विशेषताओं की सूची रजिस्टर करवा लेना चाहिए और अपना यूएसपी (यूनिक सेलिंग पॉइंट) घोषित करना चाहिए.’’ 

    पड़ोसी ने कहा, ‘‘निशानेबाज, यह काम तो बहुत आसान है. केजरीवाल अपने चश्मे, टोपी, मूंछों और झाडू को पेटेंट कर सकते हैं. अपने गले के मफलर और बार-बार आने वाली खांसी का भी पेटेंट निकाल सकते हैं. एलजी (उपराज्यपाल) से अपने झगड़ों की दास्तान भी रजिस्टर्ड करवा सकते हैं. मोहल्ला क्लीनिक से लेकर घर पर राशन पहुंचाने की अपनी योजनाओं का पंजीकरण करवा सकते हैं. वे अखबार में अपने फोटो सहित विज्ञापन देकर कह सकते हैं- यह है असली केजरीवाल, नकली से रहें सावधान. देशवासियों बोलो जुबां केजरी!’’