लोकतंत्र से मजाक का इरादा, 5 वर्ष में 5 CM 20 DCM का वादा

    कुछ ऐसे भी नेता हैं जो अपनी स्वार्थपूर्ण राजनीति के चलते लोकतंत्र का मखौल बना देते हैं. जब सभी जानते हैं कि चुनाव में सरकार 5 वर्ष के लिए चुनी जाती है तो सत्ता को पांचाली समझकर 5 वर्ष में 5 मुख्यमंत्री और 20 उपमुख्यमंत्री बनाने की बेतुकी बात करने का क्या मतलब है? यूपी में अगले वर्ष के प्रारंभ में विधानसभा चुनाव है. वहां की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ‘भागीदारी संकल्प मोर्चा’ बनाने के प्रयास में जुटे हैं. इसके लिए उन्होंने निषाद पार्टी के अध्यक्ष डा. संजय निषाद से वादा किया कि संकल्प मोर्चा की सरकार बनने पर उन्हें मुख्यमंत्री बना देंगे. इतना ही नहीं, राजभर ने कार्यकर्ताओं से वादा किया कि वो हर साल एक-एक जाति का मुख्यमंत्री बनाएंगे.

    पहले साल संजय निषाद को, दूसरे साल राजभर को, तीसरे साल पटेल को और चौथे साल मौर्य को बना देंगे. ऐसे 5 मुख्यमंत्री बनाएंगे. हर साल 4 डिप्टी सीएम 4 जातियों से बनाएंगे. यह भागीदारी संकल्प मोर्चा की सोच है. राजभर की सोच में जनकल्याण का लेशमात्र भी नहीं है. वे मिल-बांट कर सत्ता सुख भोगने की मंशा लेकर चल रहे हैं. जब 5 साल में 5 सीएम रहेंगे तो हर कोई अपने कार्यकाल में अधिक से अधिक शोषण और भ्रष्टाचार करेगा और जनहित के बारे में सोचेगा भी नहीं! सत्ता को मुफ्त का माल समझकर सभी लूट-खसोट में लग जाएंगे और 5 वर्ष में सरकारी खजाना खाली कर देंगे.

    राजनीतिक स्थिरता चिराग लेकर ढूंढने से भी नहीं मिलेगी. एक मुख्यमंत्री की नीतियां व कार्यक्रम अगला मुख्यमंत्री रद्द कर देगा और अपने ढर्रे से सरकार चलाएगा. राजभर ने कहा भी कि भाजपा से भीख मांगने वाले नेता भागीदारी संकल्प मोर्चा सरकार बनने पर मालिक बनकर अपने समाज का भला करेंगे. राजभर की जातिगत राजनीति की संकीर्ण सोच लोकतंत्र के उदात्त आदर्शों की कब्र खोदने वाली है. इसमें घटिया स्वार्थ व मतलबपरस्ती की बू आती है.