Uddhav Thackeray
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    मुंबई. महाराष्ट्र (Maharashtra) के कई जिलों में मूसलाधार बारिश (Heavy Rain) शुरू है। जिसके चलते बाढ़ जैसे हालत बने हुए हैं। इसके अलावा शुक्रवार 23 जुलाई को रत्नागिरी जिले (Ratnagiri District) में भारी बारिश के चलते भूस्खलन (Landslide) हो गया, जिसमें 36 लोगों की मौत हो गई है। जबकि मलबे में कम से कम 10 लोगों के फंसे होने की आशंका है। इस बीच मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बारिश से जुड़ी घटनाओं में जान गंवाने वालों के वारिस को 5 लाख रूपये की मदद देने की घोषणा की। इस बात की जानकारी मुख्यमंत्री सचिवालय ने दी।

    मुख्यमंत्री सचिवालय से जारी बयान में कहा गया है कि, “महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने राज्य में बारिश से जुड़ी घटनाओं में मारे गए लोगों के वारिसों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। ऐसी घटनाओं में घायलों का इलाज सरकार करेगी।”

    राज्य सरकार के अलावा केंद्र सरकार ने भी आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा महाराष्ट्र के रायगढ़ में भूस्खलन के कारण जान गंवाने वालों प्रत्येक लोगों के परिजनों के लिए PMNRF से 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। वहीं घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।

    भूस्खलन की घटना के बाद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और मुंबई में आपदा नियंत्रण कक्ष का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि, “रायगढ़ के तलाई गांव में भूस्खलन से करीब 35 लोगों की जान चली गई है। कई जगहों पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। मैंने उन लोगों को निकालने और उन्हें दूसरी जगह ले जाने का आदेश दिया है जो उन क्षेत्रों में रह रहे हैं जहां भूस्खलन की संभावना है।”

    रायगढ़ जिला कलेक्ट्रेट से एक अधिकारी ने बताया कि महाद तहसील में, पोलादपुर में 22 जुलाई से 23 जुलाई के बीच 305 मिमी बारिश हुई। अगर शुक्रवार को भी बारिश जारी रहती है तो अधिकारियों के लिए तलाश एवं बचाव अभियान चलाना बहुत मुश्किल होगा।  रत्नागिरि जिलाधिकारी बी एन पाटिल ने कहा कि यह चिपलुन में पिछले 40 वर्षों में हुई सबसे बुरी बारिश है।

    फिलहाल रत्नागिरी के बाढ़ प्रभावित चिपलून में राहत कार्यों के लिए आर्मी की टीम पहुंची हुई है। राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार भी लोगों की जान बचाने के लिए वहाँ हर संभव मदद पहुँचा रही है।

    NDRF के DIG मोहसिन शाहिदी ने कहा कि, “पिछले 2 दिनों में भारी बारिश के कारण महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कई हिस्से बाढ़ से प्रभावित हैं। महाराष्ट्र में NDRF की 18 टीम राहत एवं बचाव अभियान में लगी हैं। उड़ीसा से 8 अतिरिक्त टीमों को एयरलिफ्ट करके महाराष्ट्र भेजा जा रहा है।”