मेलघाट का आमजरी बनेगा ‘हनी विलेज’, खादी व ग्रामोद्योग मंडल सीईओ का आज से दो दिवसीय दौरा

    अमरावती. राज्य के प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं और महिलाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए महाराष्ट्र राज्य खादी और ग्रामोद्योग मंडल के माध्यम से ‘शहद गांव’ संकल्पना को लागू किया जा रहा है. जिसमें जिले के चिखलदरा तहसील के आमज़री गांव को ‘हनी विलेज’ के रूप में चुना गया है. इस संबंध में महाराष्ट्र राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग मंडल की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अंशु सिन्हा मंगलवार 2 व 3 अगस्त को नियोजन की समीक्षा करने अमरावती आ रही हैं.

    जिलाधीश की अध्यक्षता में कमेटी का गठन

    वन नर्सरी और पर्यटन स्थल आमजरी गांव चिखलदरा के पास है. इस गांव में स्थानीय आदिवासी पारंपरिक तरीके से मधुमक्खियों से शहद निकालने का कारोबार कर रहे हैं. आमजरी गांव में खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के माध्यम से स्थानीय लाभार्थियों को शहद निकालने की वैज्ञानिक पद्धति का प्रशिक्षण दिया गया है और शहद निकालने के लिए आवश्यक सभी सामग्री लाभार्थियों को वितरित की गई है.

    आमज़री में ‘शहद ग्राम’ की संकल्पना के अनुसार स्थानीय आदिवासियों को शहद और अन्य उत्पादों से रोजगार प्रदान करने के साथ प्रकृति में मधुमक्खियों के संरक्षण और संवर्धन के लिए और चिखलदरा आने वाले पर्यटकों को प्रकृति और मानव जीवन में मधुमक्खियों का महत्व बताने के लिए विभिन्न गतिविधियों का प्रस्ताव दिया गया है. जिसमें मधुमक्खियों के लिए उपयोगी पौधों का रोपण, हाथी संग्रहालय और सभागार, सौंदर्यीकरण और सेल्फी पॉइंट के साथ विभिन्न प्रशिक्षण, कार्यशालाएं और शहद उत्सव का आयोजन किया जाएगा. इसके लिए कलेक्टर अमरावती की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है.

    लाभार्थियों से चर्चा 

    महाराष्ट्र राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंशु सिन्हा अपने अमरावती दौरे के दौरान कलेक्टर पवनीत कौर और संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आगे की योजना पर चर्चा करेंगे. वह आमजरी का भी दौरा कर स्थानीय क्षेत्र का निरीक्षण करेंगे और स्थानीय लाभार्थियों और अधिकारियों के साथ चर्चा करेंगे.