Rape Case, bhondu Baba

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अमरावती. दुष्कर्म के मामले में नामजद आरोपी भोंदूबाबा सुनील जानराव कावलकर (47) को दबोचने में एलसीबी की टीम को आखिरकार सफलता प्राप्त हो गई है. वह पुलिस को चकमा देकर भोपाल में छुपा हुआ था. पुलिस ने आरोपी को अमरावती के कोर्ट में पेश किया. भोंदूबाबा द्वारा किए गए और भी कारनामे सामने आने की संभावना है.

बीमारियां ठीक करने का दावा

प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के कुर्हा थाना क्षेत्र स्थित ग्राम मार्डी में भोंदुबाबा सुनील कावलकर ने नागरिकों को अपने बाबागिरी के झांसे में लाते हुए स्वयं को अवतारी पुरुष बताये हुए लोगों की दिर्घ बीमारियां ठीक करने का दावा करता था. भोंदूबाबा ने सरकारी ई-क्लास की लगभग 5 एकड़ जमीन पर कब्जा किया था. इस जगह पर उसने तीन मंजिला इमारत खड़ी की थी. जहां पहले पहले मंजिल पर यहां आने वाले नागरिकों के लिए रुकने की व्यवस्था, दूसरे मंजिल पर भोंदूगीरी का कार्यालय तथा तीसरे मंजिल पर स्वयं के रहने की व्यवस्था की थी. कुछ ही दिनों में बाबा के इस दूकानदारी का पूरे परिसर में काफी प्रसार हो गया. 

इलाज के नाम पर महिला से किया दुष्कर्म

मध्यप्रदेश की एक महिला अपने पति की लंबी बीमारी को लेकर सुनील कावलकर के पास पहुंची थी. आरोप है कि  कावलकर ने  महिला को झांसा देते हुए यह कहा था कि पति को यही रखना पड़ेगा. साथ ही तुम्हे भी यही रहना पड़ेगा. बाबा की बातों में आकर महिला बाबा के आश्रम में रुकी थी. इसी बीच एक दिन बाबा ने रात के दौरान महिला से जबरन दुष्कर्म की घटना को अंजाम देते हुए घटना को बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी. अपने साथ हुए अत्याचार की शिकायत पौड़िता ने कुर्हा थाने में दर्ज कराने के बाद से ही भोंदूबाबा फरार हो गया था जिसकी तलाश कुर्हा पुलिस के अलावा एलसीबी कर रही थी. 

एलसीबी की टीम ने बाबा को मध्यप्रदेश के भोपाल स्थित एक लॉज से धरदबोचा. उक्त कारवाई पुलिस अधीक्षक विशाल आनंद, अपर पुलिस अधीक्षक पंकज कुमावत के मार्गदर्शन में एलसीबी निरीक्षक किरण वानखडे के नेतृत्व में पीएसआय सागर हटवार, मुलचंद भांबुलकर, कर्मी अमोल देशमुख, सचिन मिश्रा, महेश लकडे, चंद्रशेखर खंडारे, सचिन म्हसांगे, संजय प्रधान, सागर धापड, रितेश वानखडे, गुणवंत शिरसाट, चेतन गुल्हाने ने की. 

15 दिनों दे रहा था चकमा

अपनी पहचान छुपाने के लिए सिर मुंडाकर व दाढ़ी-मुंछ निकालकर भोपाल के लॉज में विगत 15 दिनों से छुपाकर बैठा था. उसने अपना मोबाइल बंद कर रखा था. वहीं उसने दूसरे सीम कार्ड उपयोग में लाने की बात सूत्रों से मिली है.  वह लगातार स्थान बदल रहा था.   सूत्रों के अनुसार कावलकर किसी समय सलून का व्यवसाय करता था. जहां उसकी दूकानदारी में मन नहीं लगने के बाद उसने भोंदूबाबा की दूकानदारी खोल ली. जहां उसको भोंदूगीरी चल निकली, वैसे उसकी हिम्मत भी बढ़ गई.