Shiv Sena came out in support of the farmer protest

  • सेना जिला प्रमुख दानवे की चेतावनी

औरंगाबाद. कृषि कानून (Agricultural law) के विरोध में गत एक माह से केन्द्र सरकार (Central Government) के विरोध में आंदोलन (Protest) कर रहे किसानों के समर्थन (Support) में शिवसेना (Shiv Sena) के औरंगाबाद जिला इकाई की ओर से सिख समुदाय के सैकड़ों लोगों के उपस्थिति में सेना जिला प्रमुख और विधायक अंबादास दानवे (MLA Ambadas Danve) के नेतृत्व में उस्मानपुरा चौक में धरना आंदोलन किया गया। 

शहर के उस्मानपुरा चौक में किए गए धरना आंदोलन में सिख समुदाय के सैकडों लोगों के अलावा शिवसैनिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। सेना जिला प्रमुख दानवे ने चेताया कि सरकार ने किसानों की मांगों को पूरा नहीं किया तो शिवसेना रास्ते पर उतरेंगी।

आंदोलनकारी किसानों का मजाक उड़ा रहे मोदी

अपने विचार में सेना जिला प्रमुख दानवे ने कहा कि दिल्ली के प्रधानमंत्री के निवास से  500 मीटर अंतर पर लाखों किसान आंदोलन कर रहे है। पीएम मोदी को उनसे बातचीत करने समय नहीं है, लेकिन 3 हजार किलोमीटर दूर किसानों से पीएम मोदी बातचीत कर रहे है। इससे यह साफ है कि पीएम मोदी आंदोलन कर रहे किसानों का मजाक उड़ा रहे हैं। दानवे ने कहा कि भाजपा के मंत्री कहते हैं कि किसान आंदोलन में पाकिस्तान और चीन का हाथ है। कोई कहता हैं कि इस आंदोलन में खलिस्तानी घूसे है। आंदोलनकारियों को न्याय देना तो दूर इस तरह बेबूनियाद बयान बाजी कर किसानों और आंदोलनकारियों का मजाक उडा रहे हैं। केन्द्र सरकार किसान को न्याय दे, इसलिए शिवसेना की ओर से धरना  आंदोलन किया गया। किसानों की मांगों को तत्काल मान्य नहीं किया गया तो शिवसेना की ओर से पूरे राज्य में आंदोलन किया जाएगा। दानवे ने चेतावनी दी कि केन्द्र सरकार ने किसानों की मांगों पर तत्काल निर्णय नहीं लिया तो शिवसेना रास्ते पर उतरेंगी।

सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी

शिवसैनिक और किसान आंदोलन के समर्थन में शामिल हुए सिख समुदाय के लोगों ने केन्द्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आंदोलन में विधायक संजय सिरसाठ, पूर्व महापौर नंदकुमार  घोडेले, राजेन्द्र सिंह जबिंदा, अनिल पोलकर, बप्पा दलवी, राजू वरकड, दिनेश मुथा, विजया वाघचौरे, विश्वनाथ  स्वामी के अलावा सिख समुदाय के राजविंदरसिंह ढोडी, राजेन्द्रसिंह सोढी, मनबिरसिंह दखन मंनबीरसिंह दखन, हरमीतसिंह वकील, सिंह छाबडा, रणजीत गुलाटी, इंदरजीतसिंह छतवाल, प्रीति पालसिंह ग्रंथी, सतपालसिंह ग्रंथी, नरेंद्रसिंह जाबींदा जगप्रीतसिंह लांबा, अजितसिंह शिलेदार, गुरुप्रीत सिंह पंदोर, गुणवंत सिंह जाबिंदा रणवीर सिंग जाबिंदा, प्रितम सिंह काचवाले, धरमसिंह काचवाले, राजासिंह कौशल, हरिसिंह काचवाले, सुरेंद्रसिंह सबरवाल, हरविंदरसिंह सलुजा, हरदेव सिंह मुंदाल, अमोलसिंह, दर्शनसिंह, गुरुबचन सिंह, सतबीर सिंह, आकाश सिंह, मंजीत सिंह जोगिंदर सिंह, महिंद्र सिंह, शरण सिंह चंडोक, सवींदरसिंह सेठी, जीवन सिंह सिद्ध, अमरदीपसिंह गिल, गजानन बारवाल, रमेश बहुले, वसंत शर्मा, प्रा. संतोष बोर्डे, संजय हरणे, अंबादास म्हस्के, संतोष खेंडके, प्रमोद ठेंगडे आदि उपस्थित थे।