सेंट्रल बैंक एजेंट ने की डेढ करोड की हेराफेरी, ग्राहकों में चिंता

    • सांसद सुनिल मेंढे ने दी बैंक को भेंट
    • एजेंट ने लोगों के भरोसा का नाजायज फायदा उठाया

    भंडारा. बैंक ने ग्राहकों की सुविधा के लिए ग्राहक सुविधा केंद्र आवंटित किए है. उद्देश यही है कि पैसे निकलने एवं जमा करने एवं अन्य काम के लिए ग्राहक को बैंक शाखा तक जाने की नौबत न आए. दूसरी ओर इन सेवा केंद्रों की वजह से बैंक का काम भी आसान हुआ है. लेकिन पवनी तहसील के मांगली में घटे एक मामले ने बैंक जगत की नींद उड़ा दी है.

    जिसमें सेवा केंद्र संचालक ने ग्राहकों के भरोसे का नाजायज फायदा उठाया एवं उनके खातों से पैसे उडाए. जब मामले ने तूल पकडा तब तक हेराफेरी की रकम डेढ करोड रु. तक पहुंच चुकी थी. इस बडी हेराफेरी की जानकारी मिलते ही सांसद सुनील मेंढे बैंक की शाखा में पहुंचे एवं भुक्तभोगी खाताधारकों को ब्याज सहित पैसा जल्द से जल्द लौटाया जाने के संबंध में कार्रवाई का निर्देश दिया.

    पवनी तहसील के आसगांव में सेंट्रल बैंक की शाखा है. करीब 4 साल पूर्व इस शाखा अंतर्गत मांगली गांव में सेंट्रल कस्टमर सर्व्हिस सेंटर दिया गया है. इस केंद्र चालक के व्यवहार एवं लोगों को आगे बढ़कर मदद करने के व्यवहार की वजह से बेहद कम समय वह लोकप्रिय हुआ. उसने कुछ दिन मांगली में काम किया.

    लेकिन बाद वह आसगांव बैंक में आकर बैठता था. लागों के पैसे निकालकर देना, पैसे भर कर देना एवं अन्य काम करता था. वहीं बैंक के अधिकारी एवं कर्मचारियों का भी काम आसान होता था. इसलिए बैंक अधिकारी एवं कर्मचारियों ने उसकी उपस्थिति पर आपत्ति दर्ज नहीं दी. खाताधारकों की नजर में उसका महत्व एवं जरूरत काफी बढ़ चुकी थी.

    धीरे धीरे इस केंद्रचालक ने लोगों ने घर जाकर पैसे लाकर बैंक खाते में डालने एवं उन्हे रसीद दे शुरू किया. खाताधारकों को यह ज्यादा सुविधाजनक लगने लगा. खाताधारकों ने इस केंद्र चालक की सहायता से पैसे विड्रावल करना भी शुरू किया. यहीं से असली खेल शुरू हुआ. लोगों के अनुसार केंद्र चालक ने लोगों की भरोसा का फायदा उठाया. नए नए बहाने बनाकर विड्रावल फार्म पर हस्ताक्षर लेने, चेक में रकम बढाने जैसी हरकत होने लगी.

    मोबाईल नंबर करवाए ब्लाक

    खाताधारकों के अनुसार केंद्र चालक ने टेक्नोसेवी था. हेराफेरी की पोल खुलने से बचने के लिए कई ग्राहकों के मोबाइल नंबर भी ब्लाक करवाए. इस वजह से ग्राहकों के मोबाइल नंबर पर मैसेज आना भी बंद हो चुका था. जिससे खाताधारक नहीं पता चल सक रहा था कि उनके खाते में कितने पैसे विड्रावल हुए है.

    गोसीखुर्द बाधितों ने गंवाई रकम

    जिन खाताधारकों के खातों से गलत तरीके से केंद्र चालक ने पैसे निकाले है. इनमें से ज्यादातर गोसीखुर्द प्रकल्प के बाधित किसान किया. उन्होने मुआवजे के तौर पर मिली रकम का बैंक में रखा है. लेकिन केंद्र चालक ने इसी में सेंध लगाकर पैसे उडाए है.

    केंद्र चालक फरार

    जब कुछ ग्राहकों ने बैंक में जाकर अपने खाते की ताजा स्थिति चेक की. तब असलीयत सामने आयी. केंद्र चालक ने टालमटोल भरे जवाब दिए. लेकिन जब सवाल करने वालों की तादाद बढ़ी. उसे जवाब देना मुश्किल हो गया. काफी हो हल्ला मचा.

    पुलिस शिकायत में भी देरी

    मामला जब सामने आया एवं बैंक तक पहुंचा. बैंक ने भी शिकायत करने में भी काफी देर की. क्योंकि केंद्र चालक को बैंक में विचरण की खुली छूट देकर उन्होने बड़ी भूल की थी. जब खाताधारकों का दबाव बढा मंगलवार को पुलिस में शिकायत दर्ज की गयी.

    मुंबई से आएगी टीम

    सूत्रों के अनुसार बैंक में हुई इस हेराफेरी मामले की जांच करने के लिए मुंबई से तज्ञों की टीम आएगी. वह जांच करेगी एवं भुक्तभोगियों को पैसा वापस दिलाने की प्रक्रिया आरंभ होगी.

    बडी गलतियां

    कोविड के दौरान बैंक समय सीमित था. साथ ही बैंक में प्रवेश संख्या सीमित रहती थी. इससे खाताधारकों को बैंक जाने की बजाए केंद्रचालक पर निर्भर हो गए.

    बैंक अधिकारी कर्मचारियों को भी बैंक में ग्राहकों की भीड़ नहीं चाहिए थी. केंद्रचालक की वजह से काम का बोझ कम हो चुका था.

    सांसद मेंढे ने दी भेंट

    जैसे ही मामले का पता चला सांसद सुनील मेंढे ने सेंट्रल बैंक की आसगांव शाखा को भेंट दी. उन्होने कहा कि  एजेंट द्वारा डेढ़ करोड़ रुपये का गबन करने की वजह से खाताधारक मुश्किल में है. इसके लिए बैंक प्रशासन पूरी तरह से दोषी है. सांसद सुनील मेंढे ने आज निर्देश दिया कि बैंक प्रशासन की गलती स्वीकार एवं खाताधारकों को ब्याज सहित पैसा जल्द से जल्द लौटाए.

    सांसद सुनील मेंढे ने खाताधारकों की मौजूदगी में शाखा प्रबंधक से विस्तृत चर्चा की. इसके पश्चात संभागीय प्रबंधक एवं भंडारा एसपी से टेलीफोन पर चर्चा की. इस अवसर पर अनिल मेंढे, भाजप पवनी शहर अध्यक्ष मोहन सूरकर, आसगांव सरपंच विपिन बोरकर, प्रकाश कुर्झेकर, हिरा वैद्य, युवा मोर्चा के अमोल ऊराडे, शिवा मुंगाटे, धनंजय मुंडेले, एड.खेमराज जिभकाटे, प्रमोद मेंढे, संदीप नंदरधने, संजय रत्नपारखी, बंडू जांभुलकर, श्रीपत मरघडे सरपंच शेंद्री, परशुराम समरीत, लोकेश दलवे, दीपक तिघरे, देवानंद खोपे, एड.विनायक फुंडे, डा.प्रमोद खरकाटे, दीपक कोरे, नेहाल देशमुख, तुलसीराम बिलवने, लीलाधर रेवतकर, विकास जांभुलकर, राहुल खोब्रागडे, प्रवीण वालदे, रवि जांभुलकर, हरिश्चन्द्र भेंडारकर, महेश पुंडे, सोनू भाजीपाले, मोहन कुर्झेकर, राजू भेंडारकर, किरण डोये एवं अन्य उपस्थित थे.