252 एसटी कर्मियों ने सीएम से मांगी इच्छा मृत्यु की अनुमति, 60 दिनों बाद भी आंदोलन शुरु

    चंद्रपुर. राज्य सरकार में विलय की मांग के लिए 28 अक्टूबर से आंदोलन कर रहे चंद्रपुर डिपो के 252 कर्मचारियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री उध्दव ठाकरे से इच्छामृत्यु की अनुमति मांगी है. जिालधीश के माध्यम से सीएम और महामहिम राज्यपाल को निवेदन भेजा है.

    इस निवेदन में कहा कि राज्य परिवहन निगम में कार्यरत कर्मचारियों की मानसिक स्थिति वर्तमान में ठीक नहीं है लगातार तनाव में काम कर रहे है. अन्य शासकीय कर्मचारियों की तुलना में एसटी कर्मियों की माली हालत अत्यंत दयनीय है. राज्य परिवहन निगम से मिलने वाले अल्प वेतन और होने वाली मानसिक प्राताडना से त्रस्त होकर कुछ एसटी कर्मचारियों ने आत्महत्या कर ली है.

    अन्य कर्मचारियों के मन में भी आत्महत्या के विचार आ रहे है. किंतु आत्महत्या करना कानूनन अपराध है इसलिए ऐसा नहीं कर सकते. बार बार निवेदन देने के बावजूद उचित प्रतिसाद नहीं मिल रहा है इसलिए सभी कर्मचारी इच्छा मृत्यु की अनुमति मांग रहे है.चंद्रपुर डिपो के 252 कर्मचारी बिना किसी प्रकार के दबाव में आए इच्छा मृत्यु के मांग निवेदन में हस्ताक्षर कर रहे है.

    महाराष्ट्र राज्य प्रमुख इस नाते से एसटी मंडल को राज्य सरकार में विलय कर राज्य सरकार कर्मचारियों की भांति वरीयता के आधार पर पदनिहाय वेतन श्रेणी देकर आर्थिक और मानसिक परेशानी से मुक्ति दिलाकर जीवनदान दे अन्यथा इच्छा मृत्यु की अनुमति देने की विनंती की है. क्योंकि आज 60 दिनों से लगातार कर रहे आंदोलन की वजह से कर्मचारियों की मानसिक स्थिति लगातार खराब हो रही है.

    महज 40 एसटी कर्मियों ने दी प्रमोशन परीक्षा

    रविवार 26 दिसंबर को सुबह 11 से दोपहर 2 बजे के बीच स्थानीय छत्रपति नगर तुकुम के विद्या विहार कान्वेंट हाईस्कूल एंड जूनियर कालेज में चंद्रपुर डिपो के 128 कर्मचारियों के प्रमोशन की परीक्षा थी. किंतु कर्मचारी आंदोलन में शामिल होने की वजह से महज 40 कर्मचारियों ने प्रमोशन परीक्षा दी है. बाकी के कर्मचारियों ने परीक्षा नहीं दी है.

    कर्मचारियों के अनुसार उनके 58 सहयोगियों की जान जा चुकी है इसलिए मातम मना रहे है. ऐसे में मानसिक स्थिति ठीक नहीं है. इसलिए परीक्षापूर्व मार्गदर्शन और प्रमोशन परीक्षा शत प्रतिशत एसटी परिवहन शुरु होने के बाद ही लेने की मांग विभागीय नियंत्रक से की है.