Parambir Singh approaches Mumbai court, appeals for cancellation of court proclamation order against him
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    मुंबई: मुंबई (Mumbai) के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह (Former Mumbai Police Commissioner Param Bir Singh) के देश से बाहर चले जाने की खबरों को लेकर सस्पेंस ख़त्म होगया है। एएनआई के अनुसार परमबीर सिंह गुरुवार को मुंबई पुलिस (Mumbai Police) की क्राइम ब्रांच (Crime Branch) यूनिट 11 पहुंचे हैं। वह जबरन वसूली (Extortion) की जांच के लिए आज क्राइम ब्रांच के सामने पेश हुए हैं। इस बीच उनके वकील के परमबीर सिंह को जान का खतरा के दावों पर महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वालसे ने कहा है कि, अगर वह किसी से अपने जीवन के लिए खतरा महसूस करते हैं तो हम इस पर गौर करेंगे। 

    एएनआई के अनुसार, परम बीर सिंह कथित रंगदारी मामले की जांच में शामिल होने कांदिवली स्थित क्राइम ब्रांच यूनिट 11 के कार्यालय पहुंचे हैं। बता दें कि, सिंह पर मुंबई और आसपास के इलाकों में कथित रंगदारी और जबरन वसूली के मामले दर्ज हैं। 

    एएनआई ने बताया है कि, महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वालसे ने मुंबई के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह के वकील के दावे पर कहा कि, अगर वह किसी से अपने जीवन के लिए खतरा महसूस करते हैं और हमें  बताता हैं तो हम इस पर गौर कर करेंगे। 

    दरअसल, सिंह के वकील ने कोर्ट से कहा था कि, परमबीर सिंह देश में मौजूद हैं और वे फरार नहीं हैं। परमबीर सिंह के वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि, सिंह छिप रहे हैं क्योंकि उन्हें मुंबई पुलिस से जान का खतरा है।

    मुंबई की एक अदालत ने उन्हें भगोड़ा घोषित किया है और उन्हें जांच में शामिल होने का निर्देश भी दिया था। एक अधिकारी ने बताया कि सिंह चंडीगढ़ से यहां पहुंचे हैं। ‘‘ वह आदेश के अनुरूप जांच का हिस्सा बनने के लिए यहां पहुंचे हैं और जांच में सहयोग करेंगे।” सिंह ने यहां पहुंचते ही पत्रकारों से कहा था, ‘‘ मैं अदालत के निर्देश के अनुरूप जांच का हिस्सा बनूंगा।” अधिकारी ने बताया कि हवाई अड्डे से निकलने के बाद सिंह मुंबई पुलिस की अपराध शाखा की इकाई-11 के समक्ष पेश हुए। गोरेगांव थाने में दर्ज रंगदारी के मामले में उनका यहां बयान दर्ज किया जाएगा। उच्चतम न्यायालय ने सिंह को गिरफ्तारी से फिलहाल संरक्षण प्रदान किया है।

    गौरतलब है कि उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर ‘एंटीलिया’ के बाहर एक गाड़ी से विस्फोटक मिलने के बाद दर्ज मामले में मुंबई पुलिस के अधिकारी सचिन वाजे की गिरफ्तारी के बाद सिंह को मार्च 2021 में मुंबई पुलिस आयुक्त पद से हटा दिया गया था। इसके बाद सिंह को होम गार्ड्स का महानिदेशक नियुक्त किया था।

    सिंह ने महाराष्ट्र के तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे जिसे देशमुख ने खारिज किया था। देशमुख बाद में मंत्री पद से हट गए और केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने सिंह के आरोपों पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था। परमबीर सिंह आखिरी बार सात अप्रैल को सार्वजनिक तौर पर दिखे थे। वह चार मई को कार्यालय आए और उसके बाद स्वास्थ्य कारणों से छुट्टी पर चले गए थे। पुलिस ने 20 अक्टूबर को बताया कि सिंह का कोई अता-पता नहीं है।