दुर्गम क्षेत्र के लोगों को पुलिस विभाग बना रहा आत्मनिर्भर, कुकुडपालन प्रशिक्षण में 71 किसानों ने लिया हिस्सा

    गड़चिरोली. जिले के अतिदुर्गम क्षेत्र के किसान खेती के साथ ही उद्योग कर पाए, इसलिये गड़चिरोली जिला पुलिस दल के दादारोला खिड़की के माध्यम से किसानों को कुकुडपालन प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया गया. ऐसे में मंगलवार को प्रशिक्षण का समापन किया गया.

    इस प्रशिक्षण में अतिदुर्गम क्षेत्र के करीब 71 किसानों ने हिस्सा लेकर आत्मनिर्भर बने है. पुलिस विभाग के दादारोला खिड़की व आत्मा और कृषि विज्ञान केंद्र गड़चिरोली के संयुक्त तत्वावधान में 26 से 30 नवंबर की कालावधि में कुकुटपालन प्रशिक्षण दिया गया.

    इसमें पुलिस उपविभाग हेडऱी, एटापल्ली और भामरागड़ क्षेत्र के 56 और जारावंडी पुलिस थाना क्षेत्र के 17 ऐसे कुल 71 किसानों ने हिस्सा लिया गया था. प्रशिक्षण में शामिल किसानों को आकापुर, मूल, सोमनाथ के पोल्ट्रीफार्म दिखाकर उचित मार्गदर्शन किया गया. इसी बीच मंगलवार को प्रशिक्षण का समारोपिय कार्यक्रम आयोजित कर किसानों को आवश्यकत सामुग्री का वितरण किया गया.

    उक्त कार्यक्रम में जिला पुलिस अधिक्षक अंकित गोयल, आत्मा के प्रकल्प संचालक संदिप कराडे, विषय विशेषज्ञ डा. विक्रम कदम, ज्ञानेश्वर ताथोड़ आदि उपस्थित थे. कार्यक्रम को सफल बनाने के लिये हेडऱी के उपविभागीय पुलिस अधिकारी बाबुराव दडस, एटापल्ली के उपविभागीय पुलिस अधिकारी सुदर्शन राठोड़, भामरागड़ के उपविभागीय पुलिस अधिकारी नितिन गणापुरे, नागरी कृति शाखा के प्रभारी अधिकारी महादेव शेलार आदि ने परिश्रम किया.

    882 युवाओं को स्वयंरोजगार का प्रशिक्षण

    गड़चिरोली जिला पुलिस दल के पुलिस दादारोला खिड़की के माध्यम से अब तक बीओआई आरसेटी व कृषि विज्ञान केंद्र गड़चिरोली के सहयोग से ब्युटीपार्लर 70, मत्स्यपालन 60, कुकुटपालन 293, बकरीपालन 67, लेडीज टेलर 35, फोटोग्राफी 35, मधुमखी पालन 32, सब्जी व्यवसाय 190 समेत दोपहिया व चौपहिया प्रशिक्षण 100 ऐसे कुल 882 युवक-युवतियों को स्वयंरोजगार का प्रशिक्षण दिया गया.