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गोंदिया. महिला जिलाधीश की अगुवाई में जिला प्रशासन की ओर से कोरोना वायरस के प्रभाव को रोकने की दृष्टि से युद्ध स्तरीय प्रयास किए गए. अंतिम चरण 10 जून तक 69 मरीज कोरोना मुक्त होकर घर लौट गए. जिले के 13 लाख 76 हजार नागरिकों के स्वास्थ्य निगरानी का लक्ष्य निर्धारित किया गया.  3,100 कर्मचारियों के दल बनाए गए जो घर घर जाकर नागरिकों की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ऑनलाइन अपडेट करेंगे. इससे स्वास्थ्य विभाग को आसानी से जरूरतमंद लोगों की जानकारी मिलेगी. तत्काल स्वास्थ्य सेवा दी जाएगी. 

तहसील व जिला स्तर दल गठित
कोरोना संक्रमण के बढ़ने की आशंका को देखते हुए मधुमेह, ब्लड प्रेशर, क्षय रोग, गर्भवती महिला व अन्य बीमारी जिसमें बुखार आदि से जिले के 3 लाख 10 हजार परिवारों के अंतर्गत 13 लाख 76 हजार नागरिकों के स्वास्थ्य का सर्वे ऑनलाइन प्रणाली से किए जाने की तैयारी की गई है. ग्राम, तहसील व जिला स्तर पर 3 स्तरीय दल बनाए गए है. अभियान के दौरान क्षेत्र के 46 निजी अस्पतालों में मरीजों के उपचार की व्यवस्था की गई. कोविड तथा नॉन कोविड रोगियों के लिए 80 प्रश बेड उपलब्ध कराए गए. यह प्रयोग अपेक्षा के अनुसार काफी सफल रहा. 

बाहरियों ने परेशानी में डाला 
अस्पतालों में नियुक्त सभी नोडल अधिकारियों से प्रत्येक अस्पताल की दैनिक जानकारी गुगल फार्म पर भरने की जिम्मेदारी आईएमए के सचिव डा.राणा को सौंपी गई. प्रथम चरण से ही इस जिले में कोरोना वायरस को लेकर युद्धस्तरीय प्रयास किए जाते रहे है. इसके एक पॉजिटिव मरीज का मामला सामने आया जो सिंगापुर से लौटा था और उसके बाद जितने मामले दर्ज हुए वे सब सरलता से ठीक होते गए किंतु कोरोना से मुक्ति की घोषणा के बाद अब जितने मामले सामने आ रहे है, वे सभी पॉजिटिव है जो दुबई से लौटे लोगों के है और वे अधिकांश तिरोड़ा तहसील से संबंधित है. हालांकि प्रशासन का यह मानना है कि यह सब इतना गंभीर नहीं है, लेकिन फिर भी व्यापक सतर्कता बरती जा रही है. कुल मिलाकर बाहर से लौटने वालों के कारण ही कोरोना मुक्ति प्रभावित हुई है.