जिले में गणपति बप्पा के विसर्जन का सिलसिला शुरू

    गोंदिया. जिले में 10 सितंबर को गणेशोत्सव की शुरुआत हुई. इस अवधि में बडे ही भक्तिभाव के साथ श्रध्दालुओं ने गणेश मूर्तियों की पूजा अर्चना की. इसके बाद बाप्पा के विर्सजन का सिलसिला शुरू हो गया है. शनिवार को देर रात तक 13 सार्वजनिक गणेश मूर्तियों का विर्सजन किया गया. जबकि 577 घरेलु मूर्तियों का विर्सजन किया गया. 19 सितंबर को विर्सजन का अंतिम दिन होने से अधिकांश मूर्तियों का विसर्जन कर दिया जाएगा. 

    जिले में कुल 6397 गणेश की मूर्तियां 

    जिले में इस बार कुल 6397 गणेश मुर्तियों की स्थापना की गई. इसमें 404 गांवों में एक गांव एक गणपति की मूर्ति स्थापित की गई. इसी तरह 726 स्थानों पर सार्वजनिक तथा 5267 घरों पर गणेश मूर्ति की स्थापना की गई थी. 

    दीर्घकाल से चली आ रही परपंरा

    जिले में गणेशोत्सव के दौरान मूर्ति स्थापना की परपंरा दीर्घकाल से चली आ रही है. भक्तगण गणेश मूर्ति की स्थापना कर दस दिनों तक नियमित पूजा अर्चना व आरती आदि करते है. इसके बाद गणेश मूर्तियों का विधिवत विसर्जन किया जाता है. 

    सभी पुलिस स्टेशन की सीमा में गणेशोत्सव

    जिले के सभी 16 पुलिस स्टेशन अंतर्गत गणेश मूर्तियों की स्थापना की गई है. इसमें गोंदिया शहर अंतर्गत 2, ग्रामीण पुलिस स्टेशन 22, रावनवाडी 31, तिरोडा 39, गंगाझरी 18, दवनीवाडा 9, आमगांव 29, गोरेगांव 31, सालेकसा 16, देवरी 34, चिचगड 46, डुग्गीपार 44, नवेगांवबांध 22, अर्जुनी मोरगांव 39 व केशोरी पुलिस स्टेशन के तहत 22 गांवों में गणपति की स्थापना की गई थी. 

    पुलिस का रहेगा बंदोबस्त

    जिले में पिछले 3 दिनों से गणेश मूर्तियों के विसर्जन की प्रक्रिया शुरू है. 19 सितंबर को विसर्जन का अंतिम दिन है. जिससे सभी समितियां, मंडलों, बाल उत्सव समिति तथा घरेलु गणेश मूर्तियों का  विसर्जन होगा. जिससे विसर्जन स्थलों पर पुलिस ने तगडा बंदोबस्त किया है. इसमें विशेषकर रावनवाडी थाने के तहत बाघ नदी परिसर में पुलिस कर्मचारियों की डयूटी लगाई है.

    विसर्जन की प्रक्रिया के दौरान थानेदार उध्दव ढमाले स्वयं उपस्थित रहेंगे. इसके पूर्व गणेश की मूर्तियां बडे बडे आकार की होती थी, जिससे विसर्जन के लिए नदी परिसर में बडी क्रेन की मदद ली जाती थी लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण काल का पालन करते हुए अधिकांश मंडलों ने 4 फीट उंची मूर्तियों की स्थापना की है.

    जिससे मूर्तियों का विसर्जन बिना आपाधापी के हो सकेगा. इसके अतिरिक्त छोटी गणेश मूर्तियों के विसर्जन के लिए शहर में लघु कृत्रिम तालाब बनाए गए हैं. जहां विसर्जन किया जा रहा है. जिला पुलिस अधीक्षक विश्व पानसरे ने जिले के सभी पूलिस स्टेशन में कार्यरत अधिकारियों को विसर्जन के दौरान कडी सूरक्षा व्यवस्था करने के निर्देश दिए है.

    रविवार को गणेश महाराजा का अंतिम दिन होने से विसर्जन का सिलसिला देर रात तक शुरू रहेगा. वैसे इस बार पिछले वर्ष की तरह गणेशोत्सव काफी फीका नजर आया. क्योंकि  पंडालों में न जगमगाहट थी और ना ही मंडपों को आकर्षक रोशनी से सजाया गया था. इसी तहर दहीहांडी की रस्म भी अधूरी रह गई है. इसके पूर्व दहीहांडी का जगह जगह आयोजन किया जाता था. 

    जिलाधीश के थे निर्देश  

    जिले में गणेशोत्सव पर्व के लिए जिलाधीश नयना गुंडे ने 8 सितंबर को आदेश जारी कर गणेशोत्सव सादगी के साथ मनाने का आव्हान जिलावासियों से किया था. इसका सभी समितियों व मंडलों के पदाधिकारियों ने पूर्णत: पालन किया है. गणेशोत्सव पर्व के दौरान जिले में कही कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है.

    राज्य आरक्षित पुलिस बल होगा तैनात

    जिले में विसर्जन बंदोबस्त के लिए अलग अलग पुलिस स्टेशन के अधिकारी व कर्मचारियों की डयूटी लगाई गई है. इसी तरह राज्य आरक्षित पुलिस बल (एसआरपी) की 1 कंपनी को लगाया गया है. जिसमें 3 अधिकारियों सहित पुलिस कर्मचारियों की संख्या 100 है. जिला विशेष शाखा के पुलिस निरीक्षक प्रमोद घोंगे ने बताया कि पुलिस के अलावा 450 होमगार्ड की सेवा ली जा रही है. जिससे संपूर्ण जिले में पुलिस की चाक चौबंध व्यवस्था रहेगी. 

    जिला प्रशासन का आव्हान 

    जिला प्रशासन के माध्यम से गणेशोत्सव को लेकर नागरिकों से आव्हान किया गया है जिसमें कहा गया है कि गणेशोत्सव अंतिम चरण में है, जिससे गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू हो गया है. विसर्जन करते समय नागरिकों को विशेष ध्यान रखना है, फिलहाल जलाशय, तालाब, नदी नालों आदि स्थानों पर पानी का स्तर बढा है, इसी तरह जलाशयों से पानी छोडा  गया है.

    इस दौरान कोई भी व्यक्ति बाप्पा की मूर्ति लेकर गहरे पानी में न जाए. जिससे किसी भी अप्रित घटना को टाला जा सकता है. संभवत: घरेलु मूर्ति के विसर्जन घर या प्रशासन द्वारा तैयार किए गए कृत्रिम टैंक में करे. गणेश उत्सव आनंद के साथ मनाकर बाप्पा को अंतिम बिदाई देना है.