Mumbai Police questioning in extortion case against Sachin Waze will continue, court sent him to custody till November 13
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    मुंबई: बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे (Sachin Vaze) से अब मुंबई क्राइम ब्रांच (Mumbai Crime Branch) पूछताछ करेगी। सोमवार को कोर्ट (Court) ने वाजे को 6 नवंबर तक मुंबई क्राइम ब्रांच की हिरासत में भेज दिया है। जेल में बंद वाजे को क्राइम ब्रांच ने वसूली (Extortion) के एक मामले में जेल से अपनी हिरासत में लिया है। 

    सचिन वाजे को उद्योगपति मुकेश अंबानी के दक्षिण मुंबई स्थित आवास के निकट विस्फोटक सामग्री वाली एसयूवी पाए जाने और ठाणे के कारोबारी मनसुख हिरन की हत्या के मामले में इस साल मार्च में एनआईए ने गिरफ्तार किया था। केंद्रीय एजेंसी ने आपो पत्र में बताया है कि, वाजे की जांच में खुलासा हुआ है कि महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख बार और रेस्तरां से एकत्र धन को सौंपने को लेकर वाजे से संपर्क करते थे।

    इससे पहले एनआईए) NIA ने बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) में सचिन वाजे की उस याचिका का विरोध किया था जिसमें उन्होंने तलोजा जेल से अस्थायी रूप से रिहा कर घर में ही नजरबंद करने का अनुरोध किया था। एजेंसी ने कहा था कि, वाजे “बहुत प्रभावशाली व्यक्ति हैं और उन्हें अगर जेल से रिहा किया गया तो वह फरार हो सकते हैं और अभियोजन पक्ष के गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।”

    उच्च न्यायालय में मंगलवार को दाखिल हलफनामे में एनआईए ने कहा कि वाजे, कारोबारी मनसुख हिरेन की हत्या की साजिश में हिस्सेदार होने और उद्योगपति मुकेश अंबानी के दक्षिण मुंबई स्थित आवास के पास विस्फोटकों से लदे वाहन को रखने सहित ‘गंभीर अपराधों’ के आरोपी हैं।एजेंसी ने हलफनामा में कहा था, अगर याचिकाकर्ता को घर में ही नजरबंद करने की अनुमति दी जाती है तो बहुत संभव है कि आरोपी याचिकाकर्ता इस अदालत के न्यायाधिकार क्षेत्र से फरार हो जाए और वह उसके साथी रहे और अब सुरक्षा में रखे गए गवाहों सहित अभियोजन के गवाहों को प्रभावित कर सकता है।