bombay high court and anil deshmukh
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    मुंबई : राज्य के पूर्व गृहमंत्री (Home Minister) अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) की मुश्किलें और बढेंगी। मुंबई उच्च न्यायालय (Mumbai High Court) ने देशमुख को 12 नवंबर तक ईडी (ED) की कस्टडी (Custody) में भेज दिया है। ईडी की पूछताछ के बाद  उन्हें हिरासत में लेने की तैयारी सीबीआई ने शुरु कर दी है। देशमुख के बेटे ऋषिकेश देशमुख को भी राहत की उम्मीद नहीं है। अदालत ने अग्रिम जमानत देने से इंकार कर दिया है। जिसकी वजह से उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।

     पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख  पिछले सोमवार को ईडी के समक्ष हाजिर हुए थे। लगभग 12 घंटे की सघन पूछ ताछ के बाद ईडी के अधिकारियों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। मंगलवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया था। जहां उन्हें शनिवार तक ईडी की कस्टडी में भेजा गया था। कस्टडी की अवधि पूरा होने के बाद उन्हें सत्र न्यायालय के समाख पेश किया गया। जहां एकबार फिर उनकी कस्टडी की मांग की गई। लेकिन अदालत ने ईडी  की दलील को खारिज करते हुए 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया था।

    बिचौलिए  संतोष शंकर जगताप को ठाणे से गिरफ्तार किया

    ईडी ने सत्र न्यायालय के आदेश को मुंबई उच्च न्यायालय में चुनौती दी। उच्च न्यायालय में रविवार को  न्यायमूर्ति माधव जमादार की बेंच के समक्ष सुनवाई हुई। दलील सुनने के बाद अदालत ने 12 नवंबर तक ईडी  की हिरासत में भेजने का आदेश दिया। ईडी की पूछ ताछ पूरी होने के बाद-बाद  केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई ) अनिल देशमुख को अपनी कस्टडी लेने की तैयारी कर रही है। जल्द ही सीबीआई इस संदर्भ में कोर्ट के समक्ष याचिका दाखिल करेगी। सीबीआई ने अप्रैल में देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज किया था और बिचौलिए  संतोष शंकर जगताप को ठाणे से गिरफ्तार किया था।

    पूर्व पुलिस कमिश्नर भी आरोपी बताए गए

    मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह की शिकायत के आधार पर पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था, हालांकि इस मामले में पूर्व पुलिस कमिश्नर भी आरोपी बताए गए हैं। लेकिन अभी तक वह जांच एजेंसियों की गिरफ्त से बाहर हैं। ट्रांसफर पोस्टिंग की सीबीआई की जांच के दौरान बिचौलिए संतोष शंकर जगताप का नाम सामने आया था और स्थानीय अदालत ने डेढ़ महीने पहले इसके खिलाफ गैर जमानती वारेंट जारी किया गया था। इस मामले में  मुंबई और पुणे में 12 जगह छापेमारी की गई थी। 

    वकील सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया गया

    सीबीआई ने अनिल देशमुख से संबंधित दस्तावेज लीक करने के मामले में एक और मुकदमा दर्ज किया है, जिसमें उनके वकील सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था। सूत्रों के मुताबिक सीबीआई इस मामले में भी अब अनिल देशमुख से पूछताछ करना चाहती है। अब सीबीआई कोर्ट में याचिका दाखिल कर जल्द ही अनिल देशमुख की कस्टडी की मांग करेगी ताकि दूसरे आरोपियों के साथ उनकी भूमिका क्या थी, इसका खुलासा हो सके।