सीबीआई और ईडी से डरा रही बीजेपी सरकार:  शरद पवार

    मुंबई : केंद्र की बीजेपी सरकार सीबीआई (CBI), ईडी (ED) और इनकम टैक्स (Income Tax) जैसी केन्द्रीय जांच एजेंसियों का डर दिखा कर महाराष्ट्र विकास आघाडी (Maharashtra Vikas Aghadi) को डराने का प्रयास कर रही है, लेकिन वे अपने मंसूबे में कामयाब नहीं होंगे। यह बात एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार (NCP President Sharad Pawar) ने बुधवार को पार्टी ऑफिस में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में कही।

    उन्होंने मोदी सरकार पर जम कर हमला बोलते हुए कहा कि बीजेपी को पता है कि महाराष्ट्र में आघाडी सरकार पूरे पांच साल चलने वाली है। यही वजह है कि अब राज्य सरकार को डराने के लिए केन्द्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।  

    अनिल देशमुख का बचाव

    पार्टी अध्यक्ष पवार ने महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के घर पर पांच बार पड़े छापे को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने आयकर विभाग के अधिकारियों पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें मेहमान बन कर किसी के घर में इतनी बार नहीं जाना चाहिए कि बाद में उनकी पाचन शक्ति ख़राब हो जाए। पवार ने कहा कि देशमुख पर आरोप लगने के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफे दे दिया था, लेकिन उन पर आरोप लगाने वाले मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह का कोई पता नहीं है। उन्होंने विश्वास जताया कि देशमुख जांच में जरुर सहयोग करेंगे।  

    देवेन्द्र फडणवीस को लपेटा

    पवार ने अपने प्रेस कांफ्रेस के दौरान नेता विपक्ष देवेन्द्र फडणवीस की भी जम कर खबर ली। उन्होंने देवेन्द्र के उस बयान को लेकर भी लपेटा जिसमें उन्होंने अभी भी मुख्यमंत्री जैसी फिलिंग होने की बात कही थी। पवार ने कहा कि इससे पता चलता है कि दर्द कितना गहरा है। पवार ने देवेन्द्र फडणवीस  द्वारा लखीमपुर घटना की तुलना मावल की घटना से किए जाने पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस घटना के लिए नेता पर नहीं बल्कि पुलिस पर आरोप लगे थे। पवार ने कहा कि यदि इस घटना को लेकर लोगों में आक्रोश होता तो एनसीपी उम्मीदवार 90 हजार से ज्यादा मतों से चुन कर नहीं आते। उन्होंने लखीमपुर की घटना को लेकर केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस्तीफे की मांग की।

    यूपी में कांग्रेस नहीं, समाजवादी पार्टी के साथ

    शरद पवार ने उत्तर प्रदेश विधानसभा का चुनाव समाजवादी पार्टी के साथ मिल कर लड़ने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि वोटों के बंटवारे को रोकने और बीजेपी को सत्ता से दूर रखने के लिए सभी नॉन बीजेपी पार्टियों को एकजुट होने की जरुरत है। इसका अर्थ यह है कि महाराष्ट्र में भले ही एनसीपी, कांग्रेस के साथ हो, लेकिन यूपी में पवार, अखिलेश यादव के पक्ष में खड़े हैं।