देवेंद्र फडणवीस (Photo Credits-ANI Twitter)
देवेंद्र फडणवीस (Photo Credits-ANI Twitter)

    मुंबई : महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) का साल 2019 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान ‘मैं फिर आऊंगा’ का संवाद काफी चर्चा में था। अब उन्होंने एक बार फिर मुख्यमंत्री पद को लेकर ऐसा बयान दिया है कि उससे राजनीतिक उफान आ गया है। देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि जिस तरह से मैं लोगों और अपने नेताओं से जुड़ा हूं। मुझे लगता है कि मैं अब भी राज्य का मुख्यमंत्री (Chief Minister) हूं। उन्होंने यह बयान नवी मुंबई (Navi Mumbai) में महिला मछली विक्रेता लाइसेंस वितरण समारोह में दिया। देवेंद्र फडणवीस ने अपने पार्टी नेताओं से कहा कि जब से आप जैसे नेता मेरे पीछे हैं, मुझे कभी नहीं लगा कि मैं राज्य का मुख्यमंत्री नहीं है। 

    उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Chief Minister Uddhav Thackeray) पर तंज कसते हुए कहा कि कोई भी शख्स किस पद पर है। यह मायने नहीं रखता है। महत्व इस बात का है कि वह करता क्या है। देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पिछले दो वर्षों में वे एक दिन भी बिना घर में बैठे हुए जनता की सेवा में लगा हूं। इसलिए लोगों ने भी मुझे यह एहसास नहीं होने दिया कि मैं अब मुख्यमंत्री नहीं हूं। उन्होंने कहा कि जिस दिन नवी मुंबई में हमारी पार्टी को जनता का आशीर्वाद मिलेगा। मैं सबसे पहले गोवर्धनी मां के पास दर्शन के लिए आऊंगा। देवेंद्र फडणवीस ने विश्वास जताया कि हम नवी मुंबई में फिर से चुने कर आएंगे और जनता की सेवा करेंगे।

    हकीकत का सामना करें देवेंद्र फडणवीस

    एनसीपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि देवेन्द्र फडणवीस को सपने से बाहर निकल कर अब हकीकत का सामना करना चाहिए। उन्होंने कहा कि देवेंद्र फडणवीस को यह ध्यान रखना चाहिए कि वह मुख्यमंत्री नहीं हैं। नवाब मलिक ने तंज कसते हुए कहा कि नेता विपक्ष का पद भी काफी अहम होता है। उन्होंने कहा कि देवेंद्र फडणवीस को पता होना चाहिए कि नेता विपक्ष का पद मुख्यमंत्री से  कम नहीं है।

    बीजेपी के खिलाफ आक्रोश

    मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष भाई जगताप ने कहा कि देवेन्द्र फडणवीस के इस बयान को देखते हुए ऐसा लगता है कि उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में बीजेपी के खिलाफ लोगों में काफी आक्रोश है। जगताप ने कहा कि यह वही बीजेपी है, जिसने कोरोना काल में जन आशीर्वाद यात्रा निकालने का काम किया था। उन्होंने कहा कि मामला ओबीसी आरक्षण का हो या किसानों को मदद पहुंचाने का। सभी मोर्चे पर बीजेपी फेल साबित हुई है।

    देवेन्द्र फडणवीस के इस बयान से लगता है कि उन्हें शेखचिल्ली की तरह सपने देखने में ज्यादा दिलचस्पी है। इससे पहले उन्होंने विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान ‘मैं फिर आऊंगा' का नारा दिया था, लेकिन जनता ने उन्हें मौका नहीं दिया। अब दो साल बीत जाने के बाद एक बार फिर वे मुख्यमंत्री का सपना देख रहे हैं। उन्हें सपने से बाहर आकर इस बात को स्वीकार करना चाहिए कि वे मुख्यमंत्री नहीं बल्कि विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं।

    -अतुल लोंढे, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता