कोरोना वायरस: इस विपत्ति के समय में मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है

मुंबई: नवभारत ‘संडे फंडे’ में मशहूर बॉलीवुड सिंगर देवांग पटेल, प्रख्यात उर्दू शायर अबरार काशिफ़ और ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ सीरियल के एपिसोड डायरेक्टर धर्मेश मेहता ने दस्तक दी। नवभारत के फेसबुक पेज पर यह कलाकार लाइव सेशन के माध्यम से लोगों से रूबरू हुए और सभी का भरपूर मनोरंजन किया । इस कार्यक्रम की शुरुआत देवांग पटेल ने अपनी सुरीली आवाज से की है। उन्होंने अपना गाना ‘मेरी मर्जी’ से इस लाइव सेशन का आगाज किया। देवांग ने दर्शकों को लॉकडाउन में समय कैसे व्यतीत किया जाए इस बारे में बताया है। उन्होंने लॉकडाउन के बीच ‘दाढ़ी वाले बाबा’ गाना भी बनाया है। जो आज उन्होंने लाइव सेशन में गा कर सुनाया। 

देवांग ने बताया कि पहले वह गुजराती में गाने गाते थे। इसके बाद वह उस गाने को हिंदी वर्जन में गाते। उनका मानना है की वह बॉलीवुड के लिए गाना नही गा सकते। वह स्वत्रंत गाने गाते है। उन्होंने कई एलबम बनाए है। देवांग ने आगे बताया कि, उनका पहला गाना ‘स्टॉप दैट’ काफी हिट हो गया था। इसके बाद उन्होंने कई गाने गाए है। उन्होंने आगे कोरोना वायरस के बारे बताते हुए कहा कि फ़िलहाल देश बड़ी मुश्किल का सामना कर रहा है। ऐसे में सभी लोग घर पर बैठेंगे तो ही सुरक्षित रह पाएंगे। वही, उन्होंने लॉकडाउन में काम करते हुए पुलिस, डॉक्टर, कामगारों को शुक्रिया किया। साथ ही बताया कि इस लॉकडाउन के बाद काफी कुछ बदलाव देखने को मिलेंगे। उन्होंने कहा कि इस लॉकडाउन में एक बात सभी लोगो को पता चल गयी होगी की अपनी जिंदगी जीने के लिए हमें किन चीजों की सच में ज्यादा जरुरत होती है। इसलिए अब शायद कई लोग फ़िजूल खर्च कम कर देंगे। 

देवांग पटेल के बाद इस कार्यक्रम में अबरार काशिफ दर्शकों के साथ रूबरू हुए। उन्होंने अपने बारे में बताते हुए कहा कि वह अमरावती के रहने वाले है। अबरार काशिफ ने कहा की मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है। आज कोरोना से लड़ने के लिए सभी लोग एक साथ आए है। अबरार काशिफ ने इस  लाइव सेशन की शुरुआत  ‘आखों’ पर शायरी करते हुए की। उन्होंने अपने दशको के ले लिए ‘आखों’ पर काफी शायरी की है। अबरार काशिफ उर्दू के मशहूर शायर है। उनकी शायरी में मोहब्बत की एक महक होती है। इस लाइव सेशन में उन्होंने आगे मोहब्बत पर शायरी सुनाई।

अबरार काशिफ ने बताया की उन्हें घर से ही शायरी की तालीम मिली है। उनकी यह पांचवी पीढ़ी है जो शायरी कर रही है। इसी बीच उन्होंने अपने बचपन का एक वाक़या अपने दर्शको के साथ सांझा किया। उन्होंने आगे बताया कि, उनकी शायरी काफी पॉपुलर हो गयी है। खास तौर पर टिक टॉक वीडियो पर उनकी काफी शायरी शेयर की जाती है। इसी बीच उन्होंने अपने दर्शको की शायरी की फरमाइश भी पूरी की है। वही, उन्होंने इस लाइव सेशन में एक खास नज्म भी सुनाई है। उनकी कही हुई कुछ शायरिया निम्न लिखित हैं बाकि आप उपर दिए हुए वीडियो में सुन सकते हैं।

हर इक लफ़्ज़ के तेवर ही कुछ और होते है,
तेरे नगर के सुखनवर ही कुछ और होते है,
तुम्हारी आँखों में वो बात ही नहीं है ऐ दोस्त,
डुबोने वाले समंदर ही और होते है।

आवारगी के सारे हवालों को खुला छोड़,
सेहरा की याद पाँव की छालों को खुला छोड़,
करती है तो करने दे हवाओं को शरारत,
मौसम का तकाज़ा है कि बालों को खुला छोड़।…

अबरार काशिफ साहब से इतनी मनभावन शायरी सुनने के बाद हमारे साथ ‘तारक महता का उल्टा चश्मा’ शो के एपिसोड डायरेक्टर धर्मेश मेहता जुड़े। उन्होंने ‘तारक महता का उल्टा चश्मा’ शो के शुरूआती 500 एपिसोड दिए है। उन्होंने बताया  कि वह पूरी कोशिश करते है की लोगों को किरदारों से जोड़ सके और इसी का ध्यान रखते हुए उन्होंने इसे बनाया। धर्मेश मेहता ने बताया कि यह शो एक गुजराती नोवेल से लिया गया है लेकिन उन्होंने शो को इस तरह बनाया की पूरा देश इससे जुड़ सके और वह इसमें कामयाब भी हुए। ऐसा करने में उन्हें कई कठिनाइयों का सामना भी करना पड़ा पर वह हारे नहीं डटे  रहे जिसकी वजह से यह शो हर घर में देखा जाने वाला नंबर 1 शो बना।

उन्होंने इस इंडस्ट्री में अपनी शुरुआत का भी जिक्र किया और कैसे उन्होंने एक बार शूटिंग के दौरान अपनी एक आंख खो दी उस बारे में भी बताया। इन सभी चीजों के बावजूद वह खड़े हुए और उन्होंने कई नामी हस्तियों के साथ काम किया। उन्होंने लॉकडाउन से परेशान लोगों के लिए एक शो भी शुरू किया है जिसमे लोग टेंशन और नेगेटिविटी छोड़ कर एक पॉजिटिव सोच रख सकते और आगे बढ़ सके।