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– अदृश्य उपछाया ग्रहण का नहीं होगा सूतक काल

– 30 दिनों में तीसरा ग्रहण, आपदाओं को आमंत्रण

– सोमवार से शुरू, सोमवार पर समाप्त होगा सावन

– श्रावण माह के पांच सोमवार, शिव करेंगे बेड़ापार

मुंबई. रविवार 5 जुलाई को आषाढ़ मास की पूर्णिमा पर गुरु पूर्णिमा का पर्व कोरोना काल में सूक्ष्म रूप से मनाया जाएगा. इसी दिन धनु राशि में पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के मध्य में साल का तीसरा चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है. 30 दिनों में लगने वाला यह तीसरा ग्रहण प्राकृतिक आपदाओं के आने का संकेत दे रहा है. उपछाया ग्रहण के रूप में लगने वाला यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा इसलिए इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा, लेकिन इसका प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ेगा.

 इससे पहले 27 जुलाई 2018 और 16 जुलाई 2019 को गुरु पूर्णिमा पर चंद्रग्रहण का एक साथ संयोग बना था. आषाढ़ मास की पूर्णिमा को गुरू पूर्णिमा या व्यास पूर्णिमा के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि इसी दिन चारों वेदों के रचइता महर्षि कृष्ण द्वैपायन वेदव्यास का जन्म हुआ था. 5 जुलाई रविवार को गुरु पूर्णिमा पर लगने वाला चंद्रग्रहण अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया में दिखाई देगा. चंद्रग्रहण का असर न होने से मुंबई के सभी आश्रमों, मठों और वेदपाठी केंद्रों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सूक्ष्म रूप से गुरु पूर्णिमा श्रद्धाभाव से मनाई जाएगी.

गुरु पूर्णिमा गुरु पूजन मुहूर्त

पूर्णिमा तिथि 4 जुलाई को सुबह 11 बजकर 33 मिनट से प्रारंभ हो रही है. जो 5 जुलाई को सुबह 10 बजकर 13 मिनट तक रहेगी. इस दिन ग्रहण होने से गुरू पूर्णिमा का महत्व कई गुना बढ़ गया है. चूंकि ग्रहण दृश्य नहीं है और सूतक काल भी नहीं रहेगा अतः दिन भर गुरु पाद पूजन किया जा सकता है. गुरु पूर्णिमा पर साक्षात गुरुदेव अथवा गुरु के छायाचित्र की पूजा-अर्चना करके गुरु मंत्र का जाप करना चाहिए. मुंबई के विलेपार्ले स्थित संन्यास आश्रम, खार स्थित गुरु गंगेश्वर वेदधाम आश्रम, कांदीवली के आनंदवन आश्रम, मीरा रोड के चिद्ध्यानम आश्रम, घाटकोपर के राजावाड़ी स्थित संन्यास आश्रम, गरोडिया नगर स्थित वेदांत कुटीर आश्रम समेत सभी आश्रमों और मठों में सूक्ष्म रूप से गुरु पूर्णिमा पर गुरु पाद पूजन किया जाएगा.

चंद्र ग्रहण का समय

गुरु पूर्णिमा पर साल का तीसरा चंद्र ग्रहण पावन मुहूर्त पर पड़ने जा रहा है. इस चंद्र ग्रहण पर खगोल वैज्ञानिकों के साथ ज्योतिषी भी एक अहम घटना के रूप में देख रहे हैं. चंद्र ग्रहण रविवार को सुबह 08:38 बजे से शुरू होगा, जो 11 बजकर 21 मिनट तक रहेगा. हिंदू पंचांग के अनुसार यह उपछाया चंद्र ग्रहण धनु राशि में पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के दौरान, शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को हो रहा है, इसलिये धनु राशि के जातकों के जीवन में कई महत्वपूर्ण बदलाव आ सकते हैं.

सोमवार 6 जुलाई से सावन मास की शुरुआत

रविवार को आषाढ़ मास की पूर्णिमा के अगले दिन 6 जुलाई सोमवार से भगवान शिव के अत्यंत प्रिय मास सावन (श्रावण मास) की शुरुआत हो रही है.सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सावन महीने की शुरुआत भगवान शिव पूजन के दिन सोमवार से होने जा रही है. उल्लेखनीय यह भी है कि सावन की समाप्ति भी 3 अगस्त सोमवार के दिन ही हो रही है. इस बार सावन में कुल 5 सोमवार पड़ रहे हैं जो मनुष्य के लिए अत्यंत शुभ है. पहला सोमवार 6 जुलाई, दूसरा 13 जुलाई, तीसरा 20 जुलाई, चौथा 27 जुलाई और पांचवा 3 अगस्त को पड़ेगा. श्रावण मास में 5 सोमवार होने से बहुत ही अद्भुत संयोग बन रहा है. शिव पुराण के अनुसार सावन के सोमवार को की गई शिवोपासना अनंतगुना फलदायी होती है.

लॉकडाउन में शिवालय लॉक

वैश्विक महामारी कोरोना के चलते लॉकडाउन में मुंबई के सभी मंदिर और शिवालय 16 मार्च से ही बंद पड़े हैं. इस बीच कोरोना की बढ़ती रफ्तार ने सरकार को लॉकडाउन को और भी सख्त करने पर मजबूर कर दिया है. इसके चलते मुंबई के सभी शिवालयों में सावन मास की पूजा और जलाभिषेक नहीं हो सकेंगे. गिरगांव का बाबुलनाथ मंदिर, मढ़ का किल्लेश्वर महादेव मंदिर, असल्फा का जंगलेश्वर मंदिर, पवई के पंच कुटीर स्थित सुवर्णा शिवालय, फिल्टरपाड़ा के स्वामी चिन्मयानंद मिशन शिवालय, वसई के तुंगारेश्वर मंदिर समेत सभी शिवालयों में जलाभिषेक नहीं होगा. शिव भक्त इसके बावजूद अपने घरों पर ही बाबा का विभिन्न वस्तुओं से अभिषेक करेंगे.