Arrangement of 400 metric tons of oxygen in the district in view of the third wave of Corona Chhagan Bhujbal

    निफाड़. नाशिक जिले (Nashik District) के पालकमंत्री छगन भुजबल (Guardian Minister Chhagan Bhujbal) ने कहा कि कोरोना महामारी (Corona Pandemic) की दूसरी लहर (Second Wave) के दौरान ऑक्सीजन (Oxygen) की किल्लत महसूस हुई थी। अब सभी के सहयोग से पर्याप्त ऑक्सीजन उपलब्ध हो गया है। जिले में 130 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत है। कोरोना महामारी की तीसरी लहर की पार्श्वभूमि पर जिले में कुल 400 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की व्यवस्था की गई है। ऑक्सीजन निर्मिति में नाशिक राज्य में पहले नंबर पर पहुंच गया है। वे पिंपलगांव बसवंत स्थित उपजिला अस्पताल के ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। 

    इस समय जिला परिषद के अध्यक्ष बालासाहब क्षीरसागर, विधायक दिलीप बनकर, पूर्व विधायक पंकज भुजबल, सरपंच अलका बनकर, स्वास्थ्य उप संचालक डॉ. पी. डी. गांडाल, प्रांताधिकारी डॉ. अर्चना पठारे, जिला शल्यचिकित्सक डॉ. अशोक थोरात, निवासी वैद्यकीय अधिकारी प्रशांत खैरे, तहसीलदार शरद घोरपडे, गटविकास अधिकारी संदीप कराड, तहसील वैद्यकीय अधिकारी डॉ. सुनील कोशिरे, वैद्यकीय अधिकारी डॉ. सुनील राठोर, डॉ. रोहन मोरे सहित अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मचारी और ग्रामीण उपस्थित थे। 

    उपजिला अस्पताल के ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट का उद्घाटन

    पालकमंत्री छगन भुजबल ने कहा कि मार्च 2020 में हम सभी कोरोना की महामारी से संघर्ष कर रहे थे। पहली लहर में एकाएक आए इस संकट का सामना किया। हम सभी उपलब्ध स्वास्थ्य व्यवस्था पर निर्भर थे। सभी के इस नई बीमारी के प्रभाव से अंजान होने से उपलब्ध साधन सामग्री का नियोजन किया। दूसरी लहर में मरीजों की संख्या अधिक थी। ऑक्सीजन पर निर्भर होने वाले मरीजों की संख्या काफी अधिक थी। ऐसे में ऑक्सीजन की मांग और किल्लत पूरे राज्य में निर्माण हुई। पिछले साल जिले में 52 हजार मरीज पाए गए। तो दिन में ऑक्सीजन की मांग 130 मीट्रिक टन थी। तीसरी लहर के लिए नाशिक जिले में 400 मीट्रिक टन ऑक्सीजन उपलब्ध किया गया है। 

    29 स्वास्थ्य संस्थान में चल रहा ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट का काम 

    इस नियोजन में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट, ऑक्सीजन स्टोरेज टैंक, ड्युरा सिलेंडर्स, जंबो सिलेंडर्स, ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर, ऑक्सीजन की जरूरत पूर्ण करने वाली सामग्री उपलब्ध की गई है। जिले के 29 स्वास्थ्य संस्थान में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट का काम शुरू है। अस्पताल के प्रकार और वहां पर दाखिल होने वाले मरीजों की संख्या को ध्यान में रखते हुए ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट यानी की पीएसए प्लांट्स, लिक्विड ऑक्सीजन स्टोरेज, एलएमओ टैंक्स, 230 ली. ड्युरा सिलेंडर्स, बड़े और छोटे जम्बो सिलेंडर्स का नियोजन किया गया है। पिंपलगांव बसवंत स्थित उपजिला अस्पताल का उद्घाटन होने के बाद तुरंत उसे निफाड़ तहसील के मरीजों को कोविड के समय सुविधा मिलने के लिए उसका रूपांतर डीसीएचसी में किया गया। 

    पिंपलगांव में 200 बेड की व्यवस्था 

    आगामी नियोजन के लिए पिंपलगांव में 200 बेड की व्यवस्था की गई है। यहां के ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट का भी उद्घाटन हुआ है। इस प्लांट के माध्यम से हमेशा के लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर दो बार मंत्रिमंडल में मांग की गई है। जहां पर जरूरत है, वहां पर स्टाफ का चयन किया जाएगा। विधायक बनकर ने कहा कि कोरोना की पार्श्वभूमि पर स्वास्थ्य अधिकारियों ने प्रशंसनीय काम किया। पिछले दो साल में डॉक्टर और परिचारिकाओं का काम अहम रहा है। इस अस्पताल में 200 बेड के ऑक्सीजन की व्यवस्था की गई है। कोरोना खत्म न होने से पिंपलगांव बसवंत अस्पताल में 100 बेड की व्यवस्था हमेशा के लिए करते हुए स्टाफ भी कायम करें, ऐसी मांग भी उन्होंने की। 

    60 से 65 जम्बो सिलेंडर हर दिन भरे जाएंगे

    जिले में बारिश का प्रतिशत कम होने से जल किल्लत का सामना करना होगा। इस बारे में नियोजन करने की मांग भी उन्होंने की। जिला शल्य चिकित्सक डॉ. अशोक थोरात ने कहा कि ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट की क्षमता 20 एनएम है। 60 से 65 जम्बो सिलेंडर हर दिन भरे जाएंगे। उन्हें पूरक क्षमता के रूप में ग्रामीण अस्पताल, पिंपलगांव में 10 केएल ऑक्सीजन स्टोरेज टैंक, 230 लीटर के तीन ड्युरा सिलेंडर्स, 110 जम्बो और 85 छोटे सिलेंडर्स तथा 10 ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर उपलब्ध कराए गए हैं।