Big relief to citizens on Diwali, edible oil prices reduced by Rs 7
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    नाशिक : ऐन दिवाली (Diwali) पर ग्राहकों (Customers) को दिलासा देने के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। अब, ईंधन की कीमत (Fuel Price) में बढ़ोतरी के साथ खाद्य तेल (Edible Oil) की कीमत में 7 रुपये प्रति लीटर की कमी आई है। इसलिए दिवाली धूमधाम से मनाई जा सकती है। पिछले कुछ दिनों से महंगाई आसमान छू रही है। ईंधन की कीमतों में दिन-प्रतिदिन वृद्धि जारी है। उसके बाद सिलेंडर की कीमतों में तेजी आई और मीठे तेल यानी खाद्य तेल की कीमतें भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं।

    पहले ही कोरोना के कारण आर्थिक रुप से लोग कमजोर हो गए हैं, इस महंगाई के कारण लोगों पर और सख्त मार पड़ी है। लेकिन खाद्य तेल को लोकर थोड़ी राहत मिल रही है। ऑल इंडिया एडिबल ऑयल ट्रेडर्स फेडरेशन के अध्यक्ष शंकर ठक्कर के मुताबिक सरकार ने इंपोर्ट ड्यूटी घटा दी है। नतीजतन, प्रमुख खाद्य तेल कंपनियों ने अपने थोक मूल्यों में कम से कम 4-7 रुपये की कटौती की है। दरअसल, इंपोर्ट ड्यूटी कम होते ही कटौती होनी चाहिए थी। दुनिया भर में खाद्य तेल आपूर्ति की स्थिति में सुधार हो रहा है। भविष्य में खाद्यान्न की कमी महसूस नहीं होगी। इसलिए मीठे तेल की कीमतों में और गिरावट की संभावना है।

    थोड़े दाम पेट्रोल डीजल के भी गिरे 

    केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी कटौती की है। केंद्र सरकार ने बुधवार को पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में क्रमश: 5 रुपये और 10 रुपये की कटौती की। कच्चे तेल की रिकॉर्ड कीमतों पर तीन साल में केंद्रीय उत्पाद शुल्क में यह पहली कमी है। राष्ट्रीय राजधानी में गुरुवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में क्रमश: 6.07 रुपये और 11.75 रुपये प्रति लीटर की कमी की गई। फिलहाल दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 103.97 रुपये और डीजल की कीमत 86.67 रुपये प्रति लीटर है। मुंबई में पेट्रोल और डीजल की कीमत क्रमश: 109.98 रुपये और 94.14 रुपये प्रति लीटर है। सरकार द्वारा उत्पाद शुल्क में कटौती के बावजूद पेट्रोलियम कंपनियां लगभग हर दिन ईंधन की कीमतें बढ़ा रही हैं। इसलिए पेट्रोल-डीजल की कीमतें कुछ और दिनों में अपने पिछले स्तर पर पहुंचने की संभावना से पूरी तरह इंकार नहीं किया जा सकता है।