Maharashtra State Election commission
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    नाशिक : ओबीसी आरक्षण (OBC Reservation) संदर्भ में राज्य सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) में दाखिल की गई रिपीट पीटिशन ठुकराने से चुनाव (Election) का भविष्य अब राज्य चुनाव आयोग (State Election Commission) के हाथ में आ गया है। राज्य की सत्तासीन महाविकास आघाड़ी सरकार के साथ भाजपा चुनाव को आगे ढकलने के मुड में है, लेकिन चुनाव निश्चित समय में होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। चुनाव समय पर होता है या नहीं इसे लेकर इच्छुकों के दिल की धड़कन तेज हो गई है। अगले साल के शुरुआत में राज्य के 18 महानगरपालिका के आम चुनाव होने वाले है, जिसमें नाशिक भी शामिल है।

    चुनाव की तैयारी राजनीतिक दलों ने शुरू कर दी है। राज्य चुनाव आयोग ने चुनाव की तैयारी करने की सूचना स्थानिय प्रशासन को दी है। इसके बाद राज्य सरकार ने प्रभाग रचना संदर्भ में निर्णय लेते समय 3 सदस्यीय प्रभाग की घोषणा की। बाद में अधिक आबादी को ध्यान में रखते हुए नगरसेवकों की संख्या बढ़ाई। सरकार के बदलते निर्णय पर काम करते हुए आखिरकार प्रभाग रचना का कच्चा प्रस्ताव तैयार कर राज्य चुनाव आयोग को सौंपा गया। इसलिए चुनाव समय पर होने की बात लगभग स्पष्ट हो गई है। लेकिन ओबीसी आरक्षण के चलते समस्या निर्माण हुई है। सर्वोच्च न्यायालय ने राज्य सरकार द्वारा दिया गया ओबीसी आरक्षण रद्द किया। जिसके खिलाफ राज्य सरकार ने रिपीट पीटिशन दाखिल करते हुए चुनाव 3 माह आगे ढकेलने की मांग की, जिसे न्यायालय ने ठुकराते हुए चुनाव करने की सूचना दी। लेकिन राज्य सरकार ने ओबीसी आरक्षण मंजूर होने से पहले चुनाव न लेने का प्रस्ताव राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूर किया। दूसरी ओर विपक्ष भाजपा ने भी चुनाव आगे ढकेलने की मांग की। इसके चलते तीन माह के बाद चुनाव होने की बात की जा रही है। चुनाव का भविष्य चुनाव आयोग के हाथ होने की बात विशेषज्ञ कर रहे है।

    आयोग की भूमिका महत्वपूर्ण

    चुनाव आयोग ने चुनाव का कार्यक्रम घोषित किया है। इसलिए सभी सूत्र अब चुनाव आयोग के हाथ है। राज्य मंत्रिमंडल में तीन माह चुनाव आगे ढकेलने का प्रस्ताव मंजूर किया है, लेकिन इस बारे में निर्णय लेने का अधिकार राज्य चुनाव आयोग के हाथ में है। ओबीसी आरक्षण के बारे में निर्माण हुई समस्या के चलते इच्छुकों के दिल की धड़कन तेज हो गई है। चुनाव समय पर होंगे या नहीं, जिसे लेकर तर्कवितर्क लगाए जा रहे है।