accident
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    मालेगांव : यातायात नियमों (Traffic Rules) का उल्लंघन करने के कारण मालेगांव-चालीसगांव मार्ग (Malegaon-Chalisgaon Road) पर हर महीने तीन-चार बड़े हादसे होते हैं। इस मार्ग पर दुर्घटनाएं होने की वजह से इस मार्ग को अब यमराज मार्ग (Yamraj Marg) कहा जाने लगा है। मालेगांव को चालीसगांव से जोड़ने वाले इस मार्ग पर दुर्घटनाओं (Accidents) का सिलसिला कब रुकेगा, ऐसी चर्चा इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों के बीच लगातार जारी रहती है। करीब ढाई वर्ष पहले बनी सड़क को पक्का कर चौड़ा किया गया था। बताया जा रहा है, कि इस मार्ग पर डिवाइडर न होने के कारण हादसों की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ी है। ओवरटेक करने और बहुत तेज गति से वाहन चलाने की वजह से भी इस मार्ग हादसे ज्यादा होते हैं। 

    मालेगांव-चालीसगांव मार्ग बहुत घुमावदार है, इसलिए इस मार्ग पर वाहन बहुत ही सावधानी तथा धीमी गति से चलाना चाहिए लेकिन इस मार्ग पर भी तेज गति से वाहन चलाने वालों की कमी नहीं है, इसलिए यातायात के नियमों का उल्लंघन करके तेज गति से इस मार्ग पर वाहन चलाना वाहन चालकों को मौत आमंत्रण देता है।            

    वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन नहीं करते

    पिछले वर्ष के हादसों के आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे ज्यादा हादसे मालेगांव-चालीसगांव मार्ग पर ही हुए थे। इस मार्ग पर हुए हादसों में 100 लोगों की मौत होने की आशंका जतायी जा रही है। इम मार्ग के किनारे छोटे-छोटे गांव हैं। बताया जा रहा है कि इस गांव में रहने वाले लोग अपने वाहन काफी तेज गति से चलाते हैं। वे वाहन चलाते समय यातायात संबंधी नियमों का पालन नहीं करते। इस मार्ग से  रिक्शा, टैक्सी, ओमनी, ट्रक और ट्रैक्टर का भी आवागमन बहुत ज्यादा होता है। यह भी जानकारी मिली है कि इस मार्ग पर ट्रक-टैक्सी के चालक शराब का सेवन करके वाहन चलाते हैं, इस वजह से भी दुर्घटनाएं ज्यादा होती है। 

    मालेगांव-चालीसगांव मार्ग नाशिक-जलगांव जिले की सीमा को जोड़ता है

    वाहनों की अधिकता को बावजूद इस मार्ग पर डिवाइडर न होने की वजह से भी दुर्घटनाएं ज्यादा होती हैं, इसलिए मालेगांव-चालीसगांव मार्ग पर डिवाइडर बनने की मांग की जा रही है। मालेगांव-चालीसगांव मार्ग नाशिक-जलगांव जिले की सीमा को जोड़ता है, इसलिए इस मार्ग काफी व्यस्त मार्ग माना जाता है, बावजूद इस मार्ग पर सहज और सुगम यात्रा के बारे में कोई नहीं सोचता, इसी वजह से इस मार्ग पर दुर्घटना होती रहती हैं और इन दुर्घटनाओं में अब तक 100 लोगों ने अपनी जान गंवाई है, इसलिए इस मार्ग को लोग साक्षात् यमराज मार्ग कहने लगे हैं।